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डीजीएम नाबार्ड एस के महाजन ने कहा

चैनपुर प्रतिनिधि। ग्रामीणों को स्वावलंबी बना स्वरोजगार से जोड़ना नाबार्ड व ग्रामीण विकास ट्रस्ट का मूल उदेश्य है। कृषकों में जागरूकता की कमी के कारण आज भी सालों भर खेत बंजर रह जाता है। वहां हमारी संस्था उन में जागरूकता ला कर स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास करती है।

यह बात नाबार्ड के डीजीएम एस के महाजन ने कही। ये चैनपुर प्रखंड में नाबार्ड व ग्रामीण विकास ट्रस्ट के सयुक्त तत्वावधान में कराये जा रहे विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण करने पहुंचे थे।

नाबार्ड के डीडीएम एस के विश्वास ने कहा कि आज हमारी संस्था के प्रयास से चैनपुर प्रखंड में एक हजार बेरोजगार कृषकों को खेती व पौधा रोपन के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ने का काम किया जा रहा है। एक हजार एकड़ भूमि में आम्रपाली पेड़ लगाया गया है।

जो एक साल बाद प्रति किसान की एक लाख से प्रति वर्ष आय हो सकती है। श्री विश्वास ने यह भी बताया कि पूरे जिले में चैनपुर प्रखंड के केराबाड़ गांव में जलछाजन कार्य होने से किसानों को पानी की कमी महसूस नहीं होती है।

यहीं वजह है कि पूरे जिले में यह एक मात्र ऐसा गांव है। जहां धान की खेती सबसे पहले शुरू की जाती है। ग्रामीण विकास ट्रस्ट के द्वारा वाटर शेड प्रोग्राम के तहत जल सग्रह,भूमि समतलीकरण,श्री विधि के माध्यम से खेती सहित कई कार्यक्रम चलाये जा रहे है।

निरीक्षण के दौरान ग्रामीण विकास ट्रस्ट के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी विनय कुमार सिंह एंव प्रखंड कॉडिनेंटर अवधेश कुमार केशरी उपस्थित थे।

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