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बैंक की तर्ज पर लोन देते नजर आएंगे डाकघर

मथुरा। निज संवाददाता

डाकघर अब और भी आधुनिक होने के बेहद करीब हैं। डाकघर अपने खातेदारों को ऐसी सुविधाओं से जोड़ने जा रहा है, जिनसे बैंक को चुनौती मिलना तय है। यदि सब कुछ ठीक रहा, तो डाकघर भी बैंक के तर्ज पर लोन देते नजर आएंगे। इस बाबत रिजर्व बैंक अफ इण्डिया को लाइसेंस हेतु भेजेगये प्रस्ताव के अनुमोदित होने का इंतजार हो रहा है। इसकेअतिरिक्त वर्ष के अन्त तक सीबीएस (कोर बैकिंग सिस्टम) से भीखातेदारों को जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।

इससे खातेदार किसी भी शाखा से रकम जमा या निकाल सकेंगे। उल्लेखनीय है कि डाकघर की व्यवस्था को वशि्वसनीय व बेहतर माना जाता है। डाकघर ही हैं, जो आम आदमी की जिंदगी के बेहद करीब हैं। डाकघर पत्राचार की सुविधाओं के अतिरिक्त लोकप्रिय बचत बैंक भी साबित हुए हैं। इनकी पहुँच देश के कोने-कोने में है। पर डाकघरों के आधुनिक सुविधाओं से लैसन होने का मलाल खातेदारों को हमेशा से रहा है। इसी के मद्देनजर डाकघरों में सीबीएस लागू करने की व्यवस्था शुरू करने की पहलकी गई थी।

यह व्यवस्था वही है, जिसकी तर्ज पर बैंक काम करते हैं। इसके तहत किसी भी शाखा से रकम जमा या निकाली जा सकती है। इसकी शुरूआत राजस्थान से हो भी गई है। साल के अन्त तक इस व्यवस्था को पूरे देश में लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था नशि्चित तौर पर डाकघरों को फिर एक नई ऊँचाई देगी। कारण यह कि पूरे देश में डाकघरों में लगभग 20 करोड़ लोगों के खाते हैं। इसके अतिरिक्त खातेदारों को लोन की सुविधाउपलब्ध कराने के लिए लाइसन्स का प्रस्ताव रिजर्व बैंक अफ इण्डिया केपास है।

यदि लाइसेन्स अनुमोदित होता है, तो मौजूदा खाताधारकों को इसका लाभ होगा ही, साथ ही इससे अन्य लोग भीडाकघर में खाता खुलवाने के लिए आकर्षित होंगे। बात अगर अन्यआधुनिक सुविधाओं की जाए, तो डाकघरों में एटीएम लगाने कीबात भी सामने आ रही है। पंजाब में इसकी तैयारी भी शुरू कर दीगई है। इस व्यवस्था के तहत सभी डाकघरों में एटीएम लगायेजाएंगे, ताकि डाकघरों में लगने वाली कतार से लोगों को मुक्तिमिले। यह व्यवस्था सैलानियों को भी खूब रिझायेगी, जिसमें कहीं से भी एटीएम का प्रयोग कर रकम निकासी सम्भव हो सकेगी।

इतना तो साफ है कि डाकघर मार्डन लुक के लिए तैयार है। डाकघर भी अब वो कर दिखायेंगे, जो अभी तक सिर्फ बैंक ही कर सकते हैं। ये व्यवस्थाएं ठीक उसी तरह से लागू हो जाएंगी, जैसे पोस्टकार्ड से स्पीडपोस्ट फिर ई-पोस्ट। डाक विभाग के एसएसपी सुनील कुमार ने बताया कि इसकी प्रक्रिया चल रही है। यह सुविधा चालू होने में समय लगेगा।

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