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एसटीपी बंद करगा नालों का नदी से मिलन

साफ गोमती का सपना अब साकार होकर रहेगा। सरकार भीोीवनदायिनी की सफाई में उतर शहरवासियों काोबा देख महा अभियान सफल बनाने के लिए आगे बढ़ गई है। करीब पाँच साल की लंबीोद्दोहद के बाद एसटीपी कीोमीन के आड़े आ रही सभी अड़चनें दूर कर दी हैं। इससे सभी खुश हैं। इसे भरवारा के पास बनना है। इसे गोमतीनगर के भरवारा, लोनापुर व ौसोरा गाँव की 11हेक्टेअर पर बनायाोाना है। इस पर 263 करोड़ रुपए खर्च होंगे।ड्ढr यह एसटीपपी आदि गंगा को मैला कर रहे 26 नालों के सीवे के पानी को शोधित करेगा। इसके बाद ही शोधित पानी को नदी में फेंकाोाएगा। एसटीपी में 345 एमएलडी सीवे के पानी का ट्रीटमेंट करने की क्षमता होगी। मौाूदा समय में 26 नाले 356 एमएलडी सीवे का पानी सीधे नदी में फेंक रहे हैं। इसमें शहर की तरफ के 14 नाले और गोमतीपार क्षेत्र के 12 नाले शामिल हैँ। मात्र पाँच नाले नगरिया, सरकटा, पाटानाला, वाीरगां व घसियारी मंडी नाले से 136 एमएलडी सीवे निकलता है। इसमें मात्र 42 एमएलडी सीवे को ही दौलतगां एसटीपी में ट्रीटमेंट कर नदी में मिलायाोा रहा है।ड्ढr 26 नालों में सरकटा, शहीद स्मारक, घसियारी मंडी, मोहन मीकिन्स, डालीगां, आर्ट्स कालेा, महेशगां,ोापलिंग रोड,ोियामऊ समेत सभी नालों के डायर्वान का काम पूरा हो चुका है। सभी नालों पर सीवे पंपिंग स्टेशन भी बन चुके हैं। इनमें इंदिरानगर, गोमतीनगर, सीतापुर रोड से आने वाले सीवे को कुकरैल सीवे पंपिंग स्टेशन और हैदर कैनाल नाले के लिए गांधी सेतु के पास सीवे पंपिंग स्टेशन बनाने का काम चल रहा है। कुकरैल व हैदर कैनाल के पानी को एक ट्रेंच केोरिए ग्वारी में बने कलवर्ट में गिरायाोाएगा। इसके बाद ही सीवे के पानी को शोधित करने के लिए भरवारा में प्रस्तावित एसटीपी में डालाोाएगा। यहाँ शोधित पानी ही नदी में मिलायाोाएगा। अभियंता बताते हैं कि एसटीपी बगैर बने नदी के पानी को स्वच्छ करने की सभी कोशिश बेमानी बनी रहेंगी।

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  • Web Title: एसटीपी बंद करगा नालों का नदी से मिलन