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पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुडे रहे हैं आंतकी संगठनों के तार

प्रदेश पुलिस के तमाम दावों के बीच इस बात को नहीं नकारा जा सकता कि देश में अपना जाल फै लाने वाले कई आतंकी संगठन राजधानी दिल्ली से सटे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पैठ बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
 
सूत्रों के अनुसार सर्वाधिक सम्पन्न समझे जाने वाले इस क्षेत्र में अमन चैन खराब करने एवं यहां की सम्पन्नता को ग्रहण लगाने के लिए आतंकी हाथ पैर मार रहे हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा पकडे गये आतंकियों के मुजफ्फ्करनगर में कुछ लोगों से मुलाकात करने की बात स्वीकारने से इन आंतकियों के मंसूबों का पता चला है।
       
उन्होंने बताया कि देश के किसी भी हिस्से में आतंकी वारदात हो और उसके सूत्र कहीं न कहीं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में मुजफ्फरनगर या पश्चिमी उत्तर के जिलों से अवश्य ही जुडे रहे हैं। यह बात क्षेत्र से पकडे गये आतंकियों की पकड से सिद्ध हो चुकी है।
    
सूत्रों के अनुसार मुजफ्फरनगर में दंगे के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के शिविरों में रह रहे लोगों के बारे में दिये गये बयान पर राजनीति काफी गरमायी और खूब हो हल्ला मचा था लेकिन अभी हाल ही में पकडे गये आतंकियों ने जिस तरह से खुलासा किया है उससे अवश्य ही राहुल के उस बयान को शह मिली है।

गांधी के उस बयान पर तरह तरह की टिप्पणी राजनीतिज्ञों की हो रही है। यह निर्विवाद एवं कडवा सच है कि राहुल गांधी इस हैसियत में हैं कि वह मंत्री या किसी बडे सरकारी पद पर न होते हुए भी जो कुछ जानकारी करना चाहते कर सकते हैं। भले ही वह औपचारिक न होकर अनौपचारिक ही हो।  
       
इसी क्रम में शायद गांधी को यह पता चल गया था कि आतंकियों से मुजफ्फरनगर के दंगा पीडित कुछ युवकों का सम्पर्क अवश्य हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंकवादियों ने अपनी पैठ बना रखी है और देश की राजधानी दिल्ली के करीब होने एवं सम्पन्नता की दृष्टि से खुशहाल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंकवादियों ने यदा कदा अपनी उपस्थिति दर्ज करायी है।   

दो दिन पहले मेरठ से पकडे गये बिहार के कुख्यात नकसली चंदन भी मुजफ्फ्करनगर जिले के खतौली इलाके के टोडा गांव में कुछ लोगों से मिला था और पुलिस को भनक तक नहीं लग पाई। सत्ताईस हत्याओं में शामिल रहा नकसली एरिया कमाण्डर चंदन ने कई रहस्योद्घाटन भी किया है।
       
सूत्रों का कहना है कि फुगाना के रोजूदीन एवं सलीम लोई शिविर से गायब हो गये और जोगिया खेडा में दस्तक देकर फिर नजर नहीं आये। उनके परिजनों ने भी गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई है। इससे निश्चित  रूप से यह आशंका पैदा होती है कि कहीं इन लोगों के तार आतंकियों से तो नहीं जुडे हुए हैं।
       
पाकिस्तानी असद औररू बी को कुछ समय पूर्व उत्तराखंड के रूडकी से पकडा गया था तो आईएसआई एजेंट नासिर को मेरठ के आबूलैन से गिरफ्तार किया गया था। यही नहीं बल्कि इम्तियाज, अमीर अहमद, फुकरकान को भी मेरठ से ही पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बम धमाकों के मामले में अमरोहा के एक डॉक्‍टर जकारिया की गिरफ्तारी आतंकी के रूप में हुई थी। इसी संदर्भ में बागपत का रहने वाला शमीम भी आतंकी निकला। 

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  • Web Title:पश्चिमी यूपी से जुडे रहे हैं आंतकी संगठनों के तार