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कोयला घोटाला: CBI की प्राथमिकी में भाजपा नेता का नाम

कोयला घोटाला: CBI की प्राथमिकी में भाजपा नेता का नाम

सीबीआई ने 1993-2005 के दौरान कोयला खानों के आवंटन में कथित अनियमितताओं के संबंध में बुधवार को दो नयी प्राथमिकी दर्ज कीं जिनमें से एक में भाजपा नेता अनूप अग्रवाल तथा उनकी कंपनी का नाम भी है। इस तरह से करोड़ में रुपये के इस घोटाले में पहली बार विपक्षी पार्टी के किसी सदस्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

सीबीआई ने बीएलए इंडस्ट्रीज लिमिटेड, इसके प्रबंध निदेशक अनूप अग्रवाल तथा अज्ञात सरकारी अधिकारियों और व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दूसरी प्राथमिकी कैस्ट्रॉन माइनिंग, इसके निदेशकों तथा अज्ञात सरकारी अधिकारियों और व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई है।

अनूप अग्रवाल राज्यसभा के पूर्व सदस्य पी के अग्रवाल के बेटे हैं। वे भाजपा की झारखंड राज्य कार्य समिति में स्थायी आमंत्रित तथा पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित हैं।

इस बारे में जब अग्रवाल तथा सम्बद्ध कंपनियों से ईमेल या फोन के जरिए संपर्क किया गया तो कोई जवाब नहीं मिला। अग्रवाल के एक सहयोगी ने उनके मोबाइल फोन पर बात की और अपना नाम एस के शुक्ला बताते हुए कहा कि भाजपा नेता इस मामले में किसी टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हैं।

सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि बीएलए इंडस्ट्रीज को मध्यप्रदेश में दो कोयला खाने मिलीं और वह कोयला खुले बाजार में बेच रही थी। आधिकारिक सूत्रों ने दावा किया कि खुले बाजार में बेचे गये कोयले का मूल्य कम से कम 100 करोड़ रुपये सालाना रहा।

कंपनी को गोटीतोरिया :पूर्व: तथा गोटीतोरिया :पश्चिम: कोयला ब्लाक आवंटित किया गया था। सूत्रों ने दावा किया कि सीबीआई का आरोप है कि कंपनी ने कोयला मंत्रालय के अज्ञात सरकारी अधिकारियों के साथ आपराधिक षडयंत्र कर कोयले की उपयोगिता बदल दी। बाद में उन्होंने मंत्रालय से कोयले को खुले बाजार में बेचने के लिए अनुमति हासिल कर ली। कंपनी को तत्कालीन प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के कार्यकाल में 21 जून 1996 को कोयला ब्लाक आवंटित किए गए थे।

सीबीआई ने अपनी दूसरी प्राथमिकी में कोलकाता की कैस्ट्रान माइनिंग तथा क्षारखंड की कैस्ट्रान टेक्नालाजीज, इसके निदेशकों, अज्ञात सरकारी अधिकारियों तथा निजी व्यक्तियों का नाम लिया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि कोयला खान का आंवटन मौजूदा दिशा निर्देशों का उल्लंघन कर किया गया।

कैस्ट्रान माइनिंग लिमिटेड :पूर्व कैस्ट्रान टेक्नालाजीज: को एक सितंबर 1999 को भाजपा सरकार के कार्यकाल में ब्रहमादिहा कोयला खान :झारखंड: आवंटित की गई। सीबीआई के बयान में कहा गया है, यह आरोप है कि निजी कंपनी ने सरकारी अधिकारियों के साथ षडयंत्र कर यह खान हासिल की।

इस तरह से सीबीआई ने कोयला खान आवंटन घोटाले में अब तक 16 प्राथमिकी :एफआईआर: तथा तीन शुरुआती जांच :पीई: दर्ज की हैं। सीबीआई ने इस मामले में दिल्ली, भोपाल, धनबाद, नरसिंहपुर :मध्यप्रदेश:, मुंबई  और कोलकाता में नौ जगहों पर छापे मारे हैं। सूत्रों ने कहा कि मामले में जांच जारी रहेगी।

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  • Web Title:कोलगेटः CBI की प्राथमिकी में भाजपा नेता का नाम