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पीसी का क्रांतिकारी चला दुनिया सँवारने

साल की उम्र में ऐसा कर दिया कि कई पीढियाँ उन्हें हमेशा याद रखेगी। वे हैं, माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष और संस्थापक बिल गेट्स की। अपने ‘विंडो और ऑफिस’ सॉफ्टवेयर केोरिए कम्प्यूटर क्रांति लाने वाले गेट्स ने शुक्रवार को माइक्रोसॉफ्ट रिटायरमेंट ले लिया। अब बिल ने दुनिया की भलाई के लिए मरते दम तक काम करने की शपथ ली है। फिर भी हफ्ते में एक दिन ऑफिस आते रहेंगे, हालाँकि सारा काम-काा स्टीवेन ए. बालमर ही देखेंगे।ड्ढr हार्वर्ड यूनीवर्सिटी में पढ़ाई पूरी न कर सके गेट्स 1में एक खरब डॉलर से भी यादा संपत्ति के मालिक बने और 1से 2007 तक लगातार 15 बार फोर्ब्स की अमीरों की सूची में टॉप पर रहे। फिरोिस हार्वड में पढ़ाई नहीं पूरी कर सके उसने भी काबिलियत का लोहा माना और मानद उपाधि से नवा। किशोर बिल ने ही दुनिया से संघर्ष करना सीख लिया था। बाद में भी सरकार और बड़ी कंपनियों से लड़ते हुए उन्होंने दुनिया फतह की। कुछ साल पहले बिल गेट्स ने कहा था कि पैसे तो बहुत कमा लिए अब समाा, दुनिया के लिए कुछ करना है। उन्होंने निाी संपत्ति से ‘बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन’ की स्थापाना की। तब से दुनिया में स्वास्थ्य और शिक्षा का उाियारा फैलाने में लगे हुए हैं।ड्ढr बेहतरीन रणनीतिकार: माइक्रोसॉफ्ट को सबसे यादा कंपटीशन एप्पेल से मिली। एप्पेल को हराने के लिए गेट्स ने सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को ही अपना उपभोक्ता बनाया। गेट्स ने इन डेवलपर्स का एक नेटवर्क सा बना लिया था।ड्ढr भारत के बार में: बिल की योनाओं में भारत का प्रमुख स्थान है। 2003 में फाउंडेशन ने भारत में एड्स के खिलाफ लड़ाई में 25.8 करोड़ डॉलर दान दिए।ड्ढr बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन: सभी को कम्प्यूटर, इंटरनेट, पोलियो उन्मूलन, माइक्रोफाइनेंस, सबको शिक्षा, एड्स को हराना, दुनिया को गरीबी व भुखमरी से निाात दिलाने की मुहिम।

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