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कहने को मोदी लहर, फिर भी नेताओं को है डर

रांची। ब्यूरो प्रमुख। अर्जुन मुंडा भाजपा के पहले नेता नहीं हैं, जो लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। झारखंड भाजपा के अंदर ऐसे नेताओं की सूची लंबी है। मुंडा की घोषणा पर पार्टी के एक वरीय नेता की टिप्पणी थी : यह तो वहीं बात है कि वर्ल्ड कप फाइनल के पहले सचिन तेंदुलकर कहे कि वह मैच नहीं खेलेंगे। मैदान से बाहर रहकर टीम का हौसला बढ़ाएंगे।

भाजपा एक तरफ कह रही है कि देश में नरेंद्र मोदी की लहर है। दूसरी तरफ प्रदेश के बड़े नेता चुनाव लड़ना नहीं चाह रहे हैं। जमशेदपुर सीट अब आसान नहीं : भाजपा के अंदर चर्चा है कि जमशेदपुर सीट अब भाजपा के लिए आसान नहीं है। पिछले लोकसभा उपचुनाव में भाजपा की जो दुर्गति जमशेदपुर में हुई, उसे देखते हुए उस सीट से चुनाव लड़ना भाजपा के किसी उम्मीदवार के लिए आसान नहीं होगा। बगल के चाईबासा लोकसभा सीट की भी यही स्थिति है।

वहां मधु कोड़ा मजबूत से मजबूत नेता का पसीना छुड़ाने की क्षमता रखते हैं। दूसरे नेता भी कर सकते हैं मना : अगर अर्जुन मुंडा की बात पार्टी ने मान ली, तो उसे आधार बनाकर कई दूसरे नेता लोकसभा चुनाव लड़ने से मना कर सकते हैं। रघुवर दास, सीपी सिंह, पीएन सिंह, नीलकंठ सिंह मुंडा सहित कई नेता इस लाइन में हैं। विधानसभा पर टिकी है नजर: दरअसल भाजपा के बड़े नेताओं की दिलचस्पी लोकसभा से ज्यादा विधानसभा चुनाव में है।

ये नेता जानते हैं कि सांसद बन भी गए, तो दिल्ली में बहुत ज्यादा महत्व नहीं मिलने वाला है। विधायक बने, तो मुख्यमंत्री और मंत्री बनने का मौका मिल सकता है। साथ ही अंदरूनी राजनीति भी हावी है। एक-दूसरे को दिल्ली भिजवाकर प्रदेश संगठन पर अपना सिक्का चलाने की इच्छा भाजपा के कई नेता रखते हैं। - अर्जुन मुंडा ने पार्टी के सामने अपनी इच्छा रखी है। हालांकि वह चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस पर पार्टी नेतृत्व फैसला करेगा। मुंडा हमेशा से नेतृत्व की बात मानते रहे हैं।

आगे भी जो निर्णय होगा, वे मानेंगे। उनकी सकारात्मक सोच है और अपनी भावना से पार्टी को अवगत कराया है। - डॉ रवींद्र राय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष।

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