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विस्थापितों की समस्या का हल निकाला जाएगा : महाप्रबंधक

नोवामुंडी संवाददाता। टाटा स्टील प्रबंधन एवं कोरता गांव के विस्थापितों के बीच पुनर्वास व नौकरी को लेकर टीएसआरडीएस सभागार में बैठक हुई। इसमें टाटा स्टील ओएमक्यू महाप्रबंधक एमसी थॉमस ने कहा कि कंपनी काम पर वशि्वास करती है, वादे या आश्वासन पर नहीं। ग्रामीणों केसाथ किए गए वादों पर अमल करना पहली प्राथमिकता होगी। इसके लिए नीतिगत तौर पर जमीनी स्तर पर काम करना कंपनी का प्रमुख लक्ष्य होगा।

उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि कोरता की समस्या को लेकर हमारे साथ पहली बार बैठक हो रही है। इसके लिए 5 लोगों की टीम बनाते हुए आपसी समन्वय स्थापित कर समास्या का हल निकाला जाएगा। महाप्रबंधक ने कहा कि आंदोलन से काम बिगड़ता है।

ग्रामीण कंपनी से संबंध बनाकर चलें, भविष्य में सहयोग मिलेगा। बैठक में सैकड़ो की संख्या में गितिलोर गांव में बसे कोरता गांव के विस्थापित पहुंचे थे। ग्रामीणों के पक्ष में कुचीबेड़ा गांव के मुंडा अजय पुरती ने कहा कि जमीन अधिग्रहण में बड़ी संख्या में ग्रामीण विस्थापन की दंश ङोल रहे हैं।

इसका शीघ्र समाधान होना चाहिए। कंपनी ने कुटिंगता में भी नौकरी देने की शर्त पर एरोड्रम का निर्माण किया था, परन्तु नियुक्ति के समय जमीन मालिक के बदले बाहरी लोगों को वरीयता दी जाती है।

बैठक में विस्थापित ग्रामीणों में मेंजारी हेम्ब्रम, जुनु हेम्ब्रम, गुरा हेम्ब्रम, जयराम हेम्ब्रम समेत अन्य ग्रामीणों ने विस्थापन के दर्द को प्रबंधन के समक्ष रखा। इस अवसर पर हेड एचआरआईआर राजपाल सिन्हा, पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा, जिला परिषद सदस्य लक्ष्मी सुरेन, चूमड़ा पुरती, ओमोन महिला संगठन के अम्बिका दास आदि ने भी विचार रखे।

मौके पर टीएसआरडीएस यूनिट हेड दवि्यहास राय, मुंडा जयराम बारजो आदि उपस्थित थे।

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