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रंगदारी के आरोप में दारोगा सुनील सिंह को जेल

धनबाद/संवाददाता। रंगदारी व व मारपीट के आरोप में दारोगा सुनील सिंह को मंगलवार को जेल भेज दिया गया। झरिया राजबाड़ी रोड निवासी शविजी यादव ने सुनील सिंह के खिलाफ कोर्ट में तीन नवंबर 2012 को शिकायतवाद दायर किया था। उन्होंने दारोगा पर 50 हजार रुपए रंगदारी मांगने व प्रताडिम्त करने का आरोप लगाया था।

हालांकि इस मामले में सुनील सिंह ने जमानत ले रखी थी लेकिन नौ सितंबर 2013 को कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी । मंगलवार को सुनील सिंह ने कोर्ट में सरेंडर किया। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अभिषेक प्रसाद की कोर्ट ने सुनील सिंह को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सुनील सिंह की अभी पुलिस लाइन में तैनाती है।

क्या है मामलाः झरिया राजबाड़ी रोड निवासी शविजी यादव की ओर से दायर शिकायतवाद में बताया कि वह कचड़ा का व्यवसाय करता है। व्यवसाय के एवज में दारोगा सुनील सिंह ने 50 हजार रुपए रंगदारी की मांग की। किसी तरह वह उसे 25 हजार रुपए दे सका। बकाया रकम के लिए सुनील सिंह उसे प्रताडिम्त करने लगे।

21 अक्टूबर 2012 की शाम सात बजे सुनील सिंह ने उसके घर में घुसकर मारपीट व गाली-गलौज की। घटना के समय घर में उसका बेटा व पत्नी थे। पूरे प्रकरण की मोबाइल से रिकार्डिग भी कर ली गई थी। मामले की तत्कालीन एसपी से इसकी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर उसने कोर्ट में सीपी केस किया।

विवादों से नाता रहा है दारोगा जी कादारोगा सुनील सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। जिस थाने में उनकी पोस्टिंग हुई, विवादों के कारण हमेशा चर्चा में रहे। झरिया में ही बकरीहाट में मारपीट मामले में चर्चा में रहे थे। स्थानीय दुकानदारों ने पैसे नहीं देने पर मारपीट करने व दुकान उजाड़ने का आरोप लगाया था। झरिया थाना के बाद उन्हें पीसीआर में भेज दिया गया। फिर उनकी पोस्टिंग धनबाद थाना में हुई। यहां भी गाड़ी छोड़ने को लेकर पैसे लेने का आरोप लगा।

मामला नगिरानी की टीम और एसपी तक पहुंचा। एसपी ने तत्काल सुनील सिंह पर कार्रवाई की और पुलिस लाइन भेज दिया। सुनील सिंह तसिरे में थानेदार भी रह चुके हैं। एसोसिएशन के लोग भी पहुंचे कोर्टसुनील सिंह को जेल भेजे जाने की सूचना पर एसोसिएशन के लोग कोर्ट परिसर पहुंचे। दारोगा से मिले और हर तरह की कानूनी सहायता देने का आश्वासन दिया। अकेले ही चले गए जेलकोर्ट से जेल भेजने के आदेश के बाद दारोगा सुनील सिंह अकेले ही जेल की ओर चल पड़े।

उनके साथ उनके वकील भी थे। आम तौर पर जेल ले जाने की जिम्मेवारी कोर्ट हाजत के प्रभारी की होती है। पुलिस संरक्षण में ही आरोपी को जेल भेजा जाता है।

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  • Web Title:रंगदारी के आरोप में दारोगा सुनील सिंह को जेल