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नदी जोड़ना विकास के नाम पर विनाश

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। स्वराज आंदोलन, बिहार ने नदी जोड़ने की योजना का पुरजोर विरोध किया है। आंदोलन के संयोजक द्वय डा. कामेश्वर गुप्ता और डा. विजय कुमार ने कहा कि यह विकास के नाम पर विनाश का सबूत है कि नदियों को जोड़ने की योजना बनानी पड़ रही है।

उन्होंने कहा कि अब घाव हो गया है तो इलाज करना ही होगा। इस मायने में नदी जोड़ने की योजना आवश्यक है, परंतु स्वाभाविक रूप से जुड़ी नदियां अलग-थलग कैसे हो गईं? अध्ययन बताता है कि इनके मूल में हमारी बांध नीति एवं बाढ़ नियंत्रण की नीति है।

यही वजह है कि हमारे योजनाकार उद्योग जगत, शहरी समाज और ठेकेदारों के हित में विचार करते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के डीपीआर पर गंभीर विचार होना चाहिए और नदियों के स्वाभाविक जुड़ाव को पुनर्जीवित करने का डीपीआर बनना चाहिए।

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