DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सरगना तक नहीं पहुंच पाती है पुलिस

पटना। प्रेम नकली नोटों के सौदागरों तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है। हाल के दिनों में पुलिस ने नकली नोटों के साथ जिन लोगों को पकड़ा है वे सभी कैरियर (नकली नोट पहुंचानेवाले) ही हैं। इनके पकड़े जाने के बाद पुलिस को इनके सरगनाओं के नाम भी मिले, लेकिन अब तक वे पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।

पिछले साल मई महीने में पुलिस ने ढाई लाख रुपए के नकली नोटों के साथ पटना जंक्शन पर नवगछिया के अमन व हाजीपुर के सुनील को पकड़ा था। पूछताछ में इन दोनों ने पुलिस को बताया था कि कोलकाता जेल में बंद गौतम के इशारे पर उसे नकली नोट मिले थे। पुलिस आज तक गौतम से पूछताछ नहीं कर पायी है। पिछले साल ही एसटीएफ ने भागलपुर में छापेमारी कर राजेश मंडल को एक लाख 45 हजार रुपए नकली नोट के साथ पकड़ा था।

राजेश को धंधेबाज गोपाल झा ने रुपए पहुंचाने के लिए दिया था। पुलिस ने उसके घर पर भी छापेमारी की थी। वहां से भी बड़ी मात्रा में नकली नोट मिले थे। मगर गोपाल अब तक पुलिस के हाथ नहीं लग सका है। नकली नोटों का सेंटर बना भागलपुर भागलपुर इन दिनों नकली नोट सप्लाई करने का बड़ा सेंटर बन गया है। यहां कई सरगना नकली नोट के धंधे में लिप्त हैं। इन लोगों ने दर्जनों कैरियर भी बहाल कर रखे हैं।

पैसे की लालच देकर कैरियर को नकली नोट पहुंचाने की जिम्मेवारी दी जाती है। कैरियर के रूप में इन लोगों ने अपने सरगना में कई महिलाओं को भी शामिल रखा है। महिलाओं पर पुलिस को शक भी नहीं होता है। नकली नोट सौदागरों तक आसानी से पहुंच भी जाते हैं। बांग्लादेश व नेपाल से आते हैं नकली नोट छानबीन में पुलिस को पता चला है कि पाकिस्तान नकली नोट को बड़े पैमाने पर छाप कर बांग्लादेश व नेपाल के जरिए भारत में पहुंचाता है।

बिहार के जोगबनी के साथ ही पश्चिम बंगाल का मालदा जिला भी नकली नोट लाने ले जाने का रूट बन गया है। इन इलाकों के दर्जनों ग्रामीण कैरियर का काम कर रहे हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सरगना तक नहीं पहुंच पाती है पुलिस