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मनरेगा कार्यो की स्वतंत्र जांच करेंगे लोकपाल

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। ग्रामीण विकास विभाग ने 26 जिलों में मनरेगा कार्यो की देखरेख और शिकायतों की जांच के लिए लोकपाल की नियुक्ति की है। इनकी नियुक्ति दो साल के लिए हुई है। वे मनरेगा मजदूरों से संबंधित सारी शिकायतों की सुनवाई करेंगे। फिलहाल इन्हीं लोकपाल के अधीन अन्य जिले भी प्रभार में दिए गए हैं।

लोकपाल शिकायतों की जांच के लिए न सिर्फ कार्यस्थल का मुआयना कर सकेंगे बल्कि दोषी पक्ष के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा सकते हैं। साथ ही ग्राम सभा की कार्यवाही, मजदूरों के नबिंधन, जाब कार्ड, काम की मांग, मजदूरी का भुगतान, कार्य की मापी-गुणवत्ता, मजदूरों के बैंक खातों से लेकर कोष के उपयोग आदि कुल 22 प्रकार की शिकायतों की सुनवाई करेंगे। वे शिकायतों का सीधे निराकरण और दोषी पक्ष पर दंडनीय व अनुशासनिक कार्रवाई कर सकते हैं। उनकी मासिक और सालाना रिपोर्ट मुख्य सचवि के पास भेजी जाएगी।

सालाना रिपोर्ट को विधान सभा में प्रस्तुत किया जाएगा। ऐसे स्वतंत्र जांच अथारिटी मनरेगा कार्यो में अनियमितता की शिकायतों की सुनवाई के बाद ग्रामीण विकास विभाग को सीधे रिपोर्ट भेज भी रही हैं। मजदूरी भुगतान में कोई गड़बड़ी नहीं हो, इसके लिए विभाग ने दूसरे उपाय भी अपनाए हैं।

लोकपाल की नियुक्ति जिले का नाम लोकपाल का नाम1. अररिया, कटिहार अयोध्या प्रसाद साह 2. अरवल, पटना राकेश गुप्ता 3. औरंगाबाद रामविलास पाठक 4. बांका, खगडिम्या विजय कुमार ठाकुर 5. बेगूसराय रामचन्द्र पासवान 6. भागलपुर मंसूर अहमद 7. भोजपुर ललन राय 8. बक्सर चन्द्रमा सिंह 9. दरभंगा कर्तिकेय कुमार 10. पूर्वी चम्पारण, मुजफ्फरपुर रमेन्द्र नाथ राय 11. गया राम मदन किशोर 12. गोपालगंज, सीवान अब्दुल हमीद 13. जमुई, मुंगेर विजय कुमार 14. जहानाबाद, नवादा संतलाल झा सुमन 15. कैमूर, रोहतास रामजी पांडेय 16. कशिनगंज हाफिज खान 17. लखीसराय लालमोहन प्र. सिन्हा 18. मधेपुरा धर्मेन्द्र कुमार 19. मधुबनी, समस्तीपुर प्रह्लाद बैठा 20. नालंदा, शेखपुरा उदय कुमार 21. पूर्णियां शशांक शेखर सिंह 22. सहरसा उषा रमण झा 23. सारण, शवहिर विजय कुमार पांडेय 24. सीतामढ़ी, सुपौल सुरेन्द्र प्रसाद सिंह 25. वैशाली पंकज कुमार सिंह 26. पश्चिम चंपारण नगीना प्रसाद सिंह

कम किए गए 15 लाख जॉब कार्ड वर्ष 2012-13 के शुरू में ऐसे कार्डधारियों की संख्या करीब 20 लाख थी

राज्य में ईएफएमएस सिस्टम के माध्यम से सभी जॉब कार्डधारियों के बैंक खातों की जांच हो रही है। उनके खातों का सत्यापन भी किया जा रहा है। अब तक 1,71,233 खातों का सत्यापन किया जा चुका है। ऐसे पन्द्रह लाख जॉब कार्ड का पता लगाया गया है, जिनके परिवार के मुखिया के नाम एक जैसे हैं। इन सबकी जांच की जा रही है। वर्ष 2012-13 के शुरू में ऐसे कार्डधारियों की संख्या करीब 20 लाख थी। अब यह संख्या घट कर पांच लाख रह गई है।

विभाग ईएफएमएस सिस्टम के माध्यम से ही अब सभी जॉबकार्डधारी मजदूरों का भुगतान करेगा। इससे मजदूरी सीधे उनके खाते में चली जाएगी। साथ ही सामग्री का भुगतान भी हो सकेगा। अब तक 8.54 लाख सक्रिय जॉबकार्ड धारियों के ‘स्टेटमेंट आफ जॉब’ को डाउनलोड किया गया है। इसके रहते अब दूसरे के नाम पर भुगतान संभव नहीं है। इस वविरणी में मजदूर द्वारा किए गए कार्यो का पूरा ब्योरा व प्राप्त भुगतान का जिक्र रहता है। काम की मांग व नबिंधनजॉब कार्ड के लिए महादलित टोलों में कैम्प लगा कर काम की मांग का नबिंधन किया गया है।

इस अभियान के तहत 7.46 लाख महादलित परिवारों से सम्पर्क किया गया। इनमें 5.28 लाख परिवारों ने काम की मांग की। विभाग ने वार्ड सदस्यों को भी नबिंधन का दायित्व सौंपा है। वसुधा केन्द्र के माध्यम से भी काम का नबिंधन किया जा रहा है। एमआईएस पर भी काम के नबिंधन के लिए कियोस्क की व्यवस्था की गई है।

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