DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

13वें वित्तआयोग ने तीन साल में दिए सिर्फ 441 करोड़

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। तेरहवें वित्त आयोग से बतौर ग्रांट बिहार को अब तक मात्र 441 करोड़ रुपये ही मिल पाए हैं। जबकि पांच साल की अवधि में तीन साल खत्म हो चुके हैं। चौदहवें वित्त आयोग के समक्ष बिहार की मांग को लेकर हुई चर्चा के दौरान इस मुद्दे को भी प्रमुखता से रखा गया। राज्य सरकार की ओर से 14 वें वित्त आयोग सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि 13 वें वित्त आयोग के समक्ष राज्य सरकार ने 19,919 करोड़ रुपये के कुल ग्रांट की मांग रखी थी।

यह राशि राज्य की विभिन्न आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर मांगी गई थी। आखिर में बिहार को सिर्फ 1845 करोड़ रुपये दिया जाना तय हुआ। यह राशि बिहार की मांग के 10 प्रतिशत से भी कम थी। सरकार के ज्ञापन में यह विशेष रूप से जोड़ा गया है कि वर्तमान में जो वित्त आयोग है वह पूरी संवेदना के साथ बिहार की जरूरतों को समङो और तार्किक रूप से अपनी अनुशंसा करे। यह सुनशि्चित किया जाना भी काफी महत्वपूर्ण है कि अंतिम तौर पर वित्त आयोग ग्रांट की जो राशि तय करता है, वह वास्तव में राज्य सरकार को स्थानांतरित की जाए।

विशेष राज्य का दर्जाः राज्य सरकार के ज्ञापन के आखिरी हिस्से में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की चर्चा है। वैसे यह बात भी लिख दी गयी है कि वित्त आयोग की परिधि में विशेष राज्य का मामला नहीं है पर वह उन तथ्यों की तारीफ तो जरूर कर सकता है जिसे आधार मानकर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग रखी गयी है। अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल जाता है तो बड़े स्तर पर यहां विकास होगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:13वें वित्तआयोग ने तीन साल में दिए सिर्फ 441 करोड़