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छह घंटे तक चले हमलों का जवाब चार मिनट में

नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता

विधानसभा में उपराज्यपाल के अब तक के सबसे छोटे अभिभाषण पर छह घंटे तक चली चर्चा के दौरान शायद सदन को सत्तापक्ष का अब तक का सबसे छोटा जवाब सुनने को मिला। उपराज्यपाल नजीब जंग द्वारा महज नौ मिनट के भाषण पर मंगलवार को पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष को विपक्ष ही नहीं सरकार के सहयोगी दल कांग्रेस की भी तीखी आलोचनाएं ङोलनी पड़ी। लगभग सभी के निशाने पर सीधे तौर पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल थे।

सरकार के अब तक के काम काज और मंत्रियों के रवैये को लेकर गंभीर आरोप तक लगे। महज चार मिनट के जवाब में उन्होंने बड़ी ही चतुराई से आरोपों पर कोई सफाई देने से बचते हुए कहा कि हमारे अंदर खामियां हो सकती हैं, हमारे काम काज के तरीके में कमियां हो सकती हैं लेकिन हमारी नियत में खोट नहीं है। नहीं आए उकसावे में- विपक्ष ही नहीं बल्कि सहयोगी कांग्रेस ने टीम केजरीवाल को आरोपों के हमलों से जमकर उकसाया ताकि इनको जवाब में बोलने के लिए मजबूर किया जा सके।

मगर सत्तापक्ष का कोई मंत्री, विधायक या खुद मुख्यमंत्री ने खुद को इस उकसावे में आने नहीं दिया। पांचवीं विधानसभा के उद्घाटन सत्र के दौरान पिछले एक सप्ताह में सत्तापक्ष की ओर से न्यूनतम संवाद रहने के बावजूद केजरवाल ने अपने जवाब में यह जरूर कहा कि बिना संवाद के स्वराज कायम नहीं हो सकता। आप के विधायकों को नया और छोटा बताते हुए केजरीवाल ने कहा कि हमें यूं ही डांटते रहना जिससे हमें सोने का मौका न मिले।

झलकियां- अनुत्तरित रहे सवाल- भाजपा नेता जगदीश मुखी ने चानन देवी अस्पताल में बच्चों के शव को कूड़ेदान में फेंकने की घटना पर चर्चा कराने की मांग की। जबकि विधानसभा अध्यक्ष एमएस धीर उपराज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा कराना चाहते थे। विरोध में उतरे भाजपा विधायक वॉक आउट कर गए। बाद में धीर ने मुखी को यह मामला सदन के समक्ष पेश करने की अनुमति दे दी। मुखी ने सरकार से ऐसी शर्मनक घटनाओं को रोकने पर जवाब मांगा। सरकार की ओर से इस पर सदन में कोई जवाब नहीं दिया गया।

राखी बिड़ला और सोमनाथ भारती पर उत्तर नहींमंत्री राखी बिड़ला की कार पर कथित हमले के मामले में सदन में जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष हर्षवर्धन, भाजपा विधायक नदकिशोर गर्ग और कांग्रेस विधायक दल के नेता हारुन यूसुफ ने इस तरह की घटाओं को दुखद बताया। गर्ग ने कहा कि जिस बच्चों की गेंद बिड़ला की कार में लगी उसे पुलिस थाने में भी रखा गया। बच्चों द्वारा माफी मांगने के बाद भी मामले की एफआईआर दर्ज हुई। मगर मंत्री या सरकार की ओर से इस मामले में कोई जवाब नहीं दिया गया।

इसी तरह कानून मंत्री सोमनाथ भारती द्वारा जजों को बैठक के लिए सचविालय में बुलाने और विधि सचवि के साथ अभद्रता करने संबंधी मीडिया रिपोर्टों के हवाले से भाजपा विधायक साहब सिंह चौहान ने इस मामले के उठाया। मगर भारती या मुख्यमंत्री ने इस पर भी कोई जवाब नहीं दिया। मांगों पर सरकार चुप- भाजपा विधायक मुखी ने बिजली कंपनियों को आरटीआई कानून के दायरे में लाने की मांग की। साथ ही उन्होंने इन कंपनियों में सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी का भी कैग से ऑडिट कराने की मांग की।

इसके अलावा प्लानिंग बोर्ड गठित करने और ठेकाकर्मियों को रखने की प्रथा खत्म करने की मांग की। केजरीवाल ने अपने जवाब में सिर्फ इतना ही कहा कि उन्होंने सदन में उठी मांगों और सुझावों को नोट कर लिया है और सरकार इन पर तेजी से काम करेगी।

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