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सेवानिवृत्त एसडीएम को ठगने का आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। वरिष्ठ संवाददाता

बेटे की नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक सेवानिवृत्त एसडीएम को ठगने के आरोप में एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अमित कुमार के रूप में की गई है। पुलिस ने उसके पास से एक राष्ट्रीय बैंक में नियुक्ति का फर्जी पत्र बरामद किया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि सेवानिवृत्त एसडीएम ओपी अरोड़ा परिवार सहित रोहिणी सेक्टर-15 में रहते हैं। उन्होंने केएन काटजू मार्ग थाने में रानी बाग निवासी अमित के खिलाफ ठगी की शिकायत की।

उन्होंने बताया की दो साल पहले एक परिचित अनिल कुमार के माध्यम से उनकी मुलाकात अमित से हुई थी। उसने पांच लाख रुपये लेकर उनके बेटे कुणाल अरोड़ा की एक राष्ट्रीय बैंक में नौकरी लगाने की बात कही। उस पर वशि्वास करते हुए ओपी अरोड़ा ने चेक से 3.5 लाख रुपये अमित को दे दिए बाकी 1.50 लाख रुपये नौकरी लगने के बाद देने का वादा किया। जनवरी 2013 में अमित ने चंडीगढ़ स्थित आंध्रा बैंक में पीओ की नियुक्ति का पत्र नवीन को दिया।

उनके चंडीगढ़ जाने से पहले अमित ने बताया कि नियुक्ति कुछ समय के लिए टल गई है। 22 अक्टूबर को दोबारा उन्हें एक नियुक्ति पत्र दिया गया जिसमें चंडीगढ़ कार्यालय में 18 नवम्बर को बुलाया गया था। पिता-पुत्र को लेकर अमित चंडीगढ़ गया। उन्हें बाहर बिठाकर वह अंदर कार्यालय में गया और लौटकर बताया कि नियुक्ति की तारीख आगे बढ़ गई है। इस पर पिता-पुत्र को शक हुआ। नवीन जब नियुक्ति पत्र की जांच के लिए प्रशांत वहिार स्थित बैंक की शाखा में गया तो पता चला कि वह पत्र फर्जी है।

इस शिकायत पर मामला दर्ज कर एसआई विनीत कुमार ने छानबीन जांच शुरू की। पुलिस ने अमित कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने ठगी की बात कबूल कर ली। आरोपी का प्रोफाइल28 वर्षीय अमित कुमार मूल रूप से झारखंड के बोकारो जिला का रहने वाला है। वर्ष 2005 में वह अपने परिजनों के साथ दिल्ली आया था। उसने कॉलेज से बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी थी। उसने कंप्यूटर का बेसिक कोर्स किया हुआ है। फिलहाल वह बेरोजगार था।

रुपये लेकर कराता था दाखिला दिल्ली में अमित सबसे पहले ट्यूशन पढ़ाकर गुजारा करता था। इस दौरान वह पांच से दस हजार रुपये लेकर बच्चों का स्कूल में दाखिल कराने लगा। स्कूल में उसका कोई परिचित नहीं था। बच्चों का दाखिला उनकी योग्यता के आधार पर होता था। इसी तरह से वह रुपये लेकर लोगों को नौकरी लगवाने का झांसा भी देने लगा। वह उनसे रुपये लेकर नौकरी लगाने का वादा करता था। योग्यता के आधार पर यदि परीक्षार्थी को नौकरी मिल जाती तो वह उसका श्रेय ले लेता था।

ऐसे झांसे में फंसायाअमित ने पुलिस को बताया कि ओपी अरोड़ा अपने बेटे की नौकरी लगवाना चाहते थे। उसने अपने एक परिचित के माध्यम से एचडीएफसी बैंक में उनके बेटे की नौकरी लगवा दी। इसकी एवज में उसने 55 हजार रुपये ले लिए। उधर ओपी अरोड़ा को अमित पर वशि्वास हो गया। उन्होंने बाद में बेटे की सरकारी बैंक में नौकरी लगवाने के लिए कहा। इस संबंध में उसकी कोई जान-पहचान नहीं थी। इसलिए उसने फर्जी नियुक्ति पत्र देकर रुपये ठग लिए।

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