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ऑपरेशन टाइगर के लिए मण्डलायुक्त ने तहसील में डाला डेरा

 कांठ। जिले में कई दिनों से आतंक और भय का सिम्बल बना बाघ अभी तक वन विभाग अथवा अन्य विशेषज्ञों की पकड़ में नहीं आ सका है। मंगलवार को वन विभाग के आला अफसरों और विशेषज्ञों की टीम ने जहां बाघ को पकड़ने के लिए ट्रेकिंग की वहीं मण्डलायुक्त ने प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों के साथ ऑपरेशन टाइगर को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाई।

मंगलवार को तहसील मुख्यालय मण्डलायुक्त डॉ० शवि शंकर सिंह के डेरा डालने के बाद छावनी बना रहा। मण्डलायुक्त ने लगभग 11 बजे तहसील पहुंचकर यहीं मुख्य वन संरक्षक बरेली एमपी सिंह, वन संरक्षक कमलेश कुमार, डीएफओ बिजनौर विजय सिंह, एसडीओ मधुप सिंह के साथ जिला मुरादाबाद, जिला बिजनौर और जिला अमरोहा के नक्शे के साथ बाघ के रास्तों को तलाशने की माथापच्ची की। मण्डलायुक्त ने इसके बाद आर०ओ० ठाकुरद्वारा और अमरोहा को भी तहसील मुख्यालय पर ही तलब किया और उनसे जानकारी ली।

जबकि दूसरी ओर डीएफओ मुरादाबाद वीसी ब्रह्मा विशेषज्ञों के साथ बाघ की ट्रेकिंग के लिए लगे रहे। एसडीएम मुकेश चंद्र, सीओ महेश सिंह राणा और तहसीलदार राजेश वर्मा ने भी लगातार संपर्क में रहकर बाघ के पहुंचने की सूचना मण्डलायुक्त को मुहैय्या कराई। दोपहर को मिली लोकेशन के आधार पर बाघ के ग्राम मुज्जफ्फरपुर, भंसली जमालपुर, रूस्तमपुर और उसके बाद हीरापुर मिश्रीपुर में होने की सूचना तहसील प्रशासन को मिली। फोटो सहित।

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