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दो शावकों संग संभल के सेवड़ा गांव पहुंची बाघिन

संभल। मुरादाबाद मंडल के तीन जिलों में भटक रही बाघिन ने मंगलवार को संभल के सेवड़ा जसरथ नगला गांव में दस्तक दी।

खेत पर काम कर रहे ग्रामीण ने बाघिन व उसके दो शावकों को गन्नों के खते से निकलते देखने का दावा किया। बदहवास किसान ने गांव में खबर दी तो हडकंप मच गया। दो थानों की पुलिस के साथ ही वन विभाग की टीम गांव के जंगल में बाघिन की लोकेशन का पता लगाने में जुटी गई। पटाखे चलाकर बाघिन को गांव से दूर भगाने का प्रयास किया जा रहा है। वन विभाग ने ग्रामीणों को अलर्ट रहने की हिदायत दी है।

असमोली थाना इलाके के सेवड़ा जसरथ नगला गांव निवासी मुनीम गूजर का परिवार मंगलवार को खेत पर गन्ने की छिलाई कटाई का काम कर रहा था। दोपहर को मुनीम, उसकी पत्नी वमिला, बेटी सीमा व बड़े बेटे सुभाष की पत्नी रीनू गन्ने के खेत पर ही रुक गए। जबकि छोटा बेटा रवि कुछ दूर गेहूं का खेत देखने के लिए चला गया। रवि का कहना है कि उनके गेहूं के खेत के बराबर में कलुआ के गन्ने के खेत से दो शावक निकलकर बाहर आए।

कुछ ही पल में बच्चों फिर से खेत में चले गए। एक बारगी उसे लगा कि उसका वहम है। वह हकीकत जानने के लिए गन्ने के खते की तरफ बढ़ा तो एक बार फिर दोनों शावक बाहर निकले। इस बार उनके साथ बाघिन भी थी। नजारा देख रवि के होश उड़ गए। बदहवाशी में वह वहां से भागने लगा। कई जगह गिरा और किसी तरह अपने परिवार के पास पहुंचकर बाघिन के बारे में बताकर जान बचाकर भागने को कहा।

सभी परिवारजन आनन फानन में खेत से शोर मचाते हुए गांव की तरफ भाग आये। हालात को जान अन्य ग्रामीण भी गांव लौट आए। पुलिस के साथ ग्रामीणों ने किया जंगल का रुखसंभल। खेतों पर बाघिन की मौजूदगी की बात पूरे सेवड़ा जसरथ नगला गांव में फैल गई। ग्रामीणों ने थाना असमोली को खबर दी तो असमोली व नखासा के थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गए। पुलिस टीम ग्रामीणों के साथ जंगल में गन्ने के उस खेत पर पहुंची।

जहां बाघिन के होने की बात कही गई थी। ग्रामीणों व पुलिस ने आसपास के खेतों पर भी बाघिन की तलाश की। देर शाम तक पुलिस टीमें व ग्रामीण हथियार लेकर जंगलों में घूमते रहे। इस दौरान पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही और ग्रामीणों को भी सावधान रहने को कहा गया। बड़ी सवाधानी से पुलिस व ग्रामीण जंगल में गन्ने के खेतों के आसपास बाघिन की टोह लेते रहे। कई बार जहां शोर मचाकर बाघिन को खते से निकालने का प्रयास किया गया तो कई बार बाघिन की मौजूदगी वाले खेत के चारों तरफ पुलिस व ग्रामीणों ने खामौशी से बैठकर टोह ली।

सूरज ढलने के बाद जब अंधेरा गहराने लगा तो पुलिस ने ग्रामीणों को गांव वापस लौट जाने को कहा। हालात को भांपकर ग्रामीण गांव वापस लौट आए।

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