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करियर स्विच ओवर जोखिम है, तो सफलता भी

नए क्षेत्र में कदम बढ़ाना पूरी तरह से नई सोच के साथ काम करने जैसा होता है। युवा कई कारणों से करियर बदलते हैं। किसी को अपने करियर की बारीकियां पसंद नहीं आतीं तो कुछ क्षेत्र विशेष की एकरसता से ऊब जाते हैं। इसी तरह कुछ को लगता है कि करियर की सही प्लानिंग न करने के कारण वे गलत करियर में आ गए हैं। करियर में बदलाव के निर्णय से पहले खुद से पूछें कौन-कौन से सवाल, बता रहे हैं पंकज घिल्डियाल

यह सच है कि पहले करियर स्विच करने वालों की संख्या सीमित होती थी, वहीं अब दो—तीन साल की नौकरी के बाद ही बड़ी संख्या में युवा करियर बदलने को बेचैन दिखाई देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार करियर में बदलाव करने का अंतिम निर्णय लेने से पहले कुछ प्रश्न अवश्य पूछें, मसलन आप करियर क्यों बदलना चाहते हैं? कहीं आप दूसरों की देखा—देखी तो ऐसा नहीं कर रहे?

शुरुआत कहां से हो
बेहतर यही होता है कि कहीं और तलाशने से पूर्व अपने ही संस्थान में कोई मिलता—जुलता मौका तलाशें। अनेक कॉरपोरेट्स कार्य की अदला—बदली को बढ़ावा देते हैं। इससे आपको बिना किसी दूसरे स्थान में गए अपनी क्षमता परखने का मौका मिलेगा। बेशक आप बोरियत के कारण अपना कार्य बदलना चाह रहे हैं, पर एक छोटे से ब्रेक के बाद भी आप कार्य पर लौट सकते हैं। यदि नहीं तो अपने करियर में बड़ा जम्प लेने के लिए कोई कठिन असाइनमेंट भी ले सकते हैं। अपने पुराने कार्य के किसी नए रूप में हाथ आजमाएं। यदि आप डायरेक्ट सेल्स से जुड़े हैं तो इंस्टीट्य़ूशनल सेल्स का कार्य करके देखें।

हुनर की परख
अगर आप यह नहीं समझ पा रहे हैं कि आपको क्या चाहिए तो उस स्थिति में अपने हुनर का दोबारा मूल्यांकन करें। अपनी क्षमताओं का आकलन और अपने भरोसे के किसी सहकर्मी या मित्र से इस बारे में बातचीत ऐसे हालात में हमेशा मददगार रहती है। क्षेत्र से जुड़ा शोधकार्य नए क्षेत्र में उतरने से पहले उस विकल्प की मार्केट क्षमता का भी आकलन कर लें कि आपकी शैक्षणिक योग्यता आदि के हिसाब से वह कितना सटीक बैठता है।

खुद को पहचानें
स्विच ओवर से पहले अपनी रुचियों और स्किल्स को जानें। जहां जाना चाहते हैं, उस क्षेत्र की छोटी—बड़ी कंपनियों  के बारे में जानकारी जुटाएं। कंपनी की वेबसाइट देखें। नई खबरों से अपडेट रहें। वर्कशॉप और सेमिनार में भाग लें, लोगों से बात करके उस क्षेत्र विशेष की वास्तविक स्थिति को जानें। आप क्या करना चाहते हैं, इसकी पहचान से शुरुआत करें। भटकाव से परेशान न हों। हम में से अधिकांश लोग जीवन में अपनी पहली नौकरी बिना अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों को जानते हुए करते हैं। ऐसे में आपको अपनी झिझक समाप्त होने के अतिरिक्त और कोई नुकसान नहीं होता।

ईमानदार निर्णय
करियर चेंज के बारे में अपने विचारों को लेकर उलझें नहीं। साथ ही जॉब चेंज से करियर चेंज को भी उलझाएं नहीं। यदि नौकरी में बदलाव से ही आपकी जरूरत पूरी हो रही है तो करियर में बदलाव के बड़े फैसले पर न टिके रहें। यदि आपका मौजूदा कार्य बोझिल हो रहा है तो किसी ऐसे संस्थान का रुख कर सकते हैं, जो आपको कार्य से जुड़ी अधिक जिम्मेदारी और स्वतंत्रता प्रदान करता हो। इस आधार पर यह भी न सोचें कि आपको आपके कार्य से जुड़ी असीमित स्वतंत्रता दी जाएगी। हालांकि अनेक मामलों में अकेले कार्य करना कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होता है। वहां आपकी किसी ‘बॉस’ को जवाबदेही नहीं होती, लेकिन सैकड़ों ऐसे लोग होते हैं, जिनके प्रति आपको जिम्मेदार रहना पड़ता है, मसलन आपके एम्प्लॉयर्स, फाइनेंसर्स, क्लाइंट्स और खुद आपका परिवार भी। इसलिए परिवर्तन के लिए साधारण बातों और बहानों के असर में न आएं। दूर के ढोल हमेशा सुहावने लगते हैं। इसलिए कारण कोई भी हो, अपने साथ हमेशा ईमानदारी बरतें। इसी आधार पर आप सही निर्णय भी ले पाएंगे।

मजबूत इच्छा शक्ति
किसी नए करियर में दोबारा शुरुआत करने या अपना काम प्रारंभ करने का फैसला सोच—समझ कर करें। उस क्षेत्र पर पड़ रहे आर्थिक प्रभाव को समझ लें। करियर स्विच करने के लिए मजबूत इच्छा शक्ति का होना जरूरी है। आपको निर्णय लेने पड़ते हैं, साथ ही पुराने सेट-अप से बाहर निकल कर नए परिवेश के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार करना पड़ता है। चुनौतियों का सामना करने केलिए भी तैयार रहें। इसी तरह यदि आप बॉस या सहकर्मियों के स्वभाव के कारण नौकरी छोड़ रहे हैं तो ऐसा दूसरी जगह नहीं होगा, इस बात की गारंटी नहीं है। ऐसे में नया करियर अपनाने की जगह अपने क्षेत्र की किसी दूसरी कंपनी में नौकरी तलाशना अधिक बेहतर होगा। 

रिसर्च जरूर करें
नई जॉब के लिए तैयार रहने को कुछ अतिरिक्त मेहनत करने को भी तैयार रहें। वहीं कई बार ऐसा होता है कि हमें दूसरी तरफ सब अच्छा ही अच्छा दिख रहा होता है। हो सकता है आपको भी अपनी योजना में सब कुछ ठीक ही लग रहा हो। अत: नए क्षेत्र की अच्छाई और  बुराई दोनों को जानें।

वेतन का आंकलन
करियर में परिवर्तन अंतत: एक अच्छा फैसला साबित होता है, लेकिन इसके लिए काफी कुर्बानी भी देनी पड़ती है। अत: खुले दिल-दिमाग से इस परिवर्तन का आकलन करके इस दिशा में कदम बढ़ाएं। उद्देश्य के बिना लिया गया रिस्क शुरू से ही मुसीबत बन जाता है। उदाहरण के लिए यदि आप चौबीस घंटे की ड्यूटी से तंग आ चुके हैं और अब कुछ  फुर्सत के पलों का भी लुत्फ उठाना चाहते हैं तो ऐसे किसी विकल्प को न चुनें, जो उतना या उससे अधिक थकाने वाला हो।

लॉन्ग टर्म विजन जरूरी
नए करियर में आप कहां तक जाना चाहते हैं, आपका लक्ष्य क्या है, उसे हासिल करने में कितना समय लगेगा, उस क्षेत्र में आपके प्रतियोगी कौन हैं, आपकी तरक्की की संभावनाएं कितनी हैं, आदि बातों के संबंध में दीर्घकालिक रणनीति अवश्य बनाएं। आवश्यकता लगने पर अपने करियर को बदलने संबंधी कोई फैसला लेने से पहले अपनी फील्ड से जुड़े सीनियर और शुभचिंतकों से सलाह-मशविरा कर लें, उनकी राय व संपर्क आपके काम आ सकते हैं।

संबंधित क्षेत्रों को भी देखें
अपने मौजूदा पद के लाभ में रहते हुए उससे जुड़े अन्य क्षेत्रों को भी देखें। देखें कि आप अपना अनुभव और विशेषज्ञ योग्यता कहां इस्तेमाल कर सकते हैं। वह कार्य कैसा है, वहां का एक औसत कार्यदिवस कैसा होता है? यदि आप अपने मौजूदा और नए करियर के बीच सामंजस्य बिठा सकते हैं तो आपको ऐसी पोजिशन मिलने के आसार बढ़ जाते हैं, जहां आपके अनुभव की कद्र हो। पहले-पहल किसी जाने-पहचाने कार्यक्षेत्र में उतरें और बाद में जब जरूरी अनुभव प्राप्त कर लें तो नए क्षेत्र की ओर अंतिम कदम बढ़ाएं।

इंडस्ट्री की पहचान
अवसर की पहचान करें, उस क्षेत्र की पत्रिकाओं और उभरती कंपनियों के बारे में जानें। एक नोट लिखने का प्रयास करें कि किस तरह आप नए क्षेत्र में बेहतर कर सकते हैं। नए क्षेत्र में अपने परिचितों, संपर्क व प्रभावी लोगों की सूची बनाएं। उनसे मिलें व इंडस्ट्री की जानकारी जुटाएं।

रेज्यूमे में भी करें बदलाव
यदि आप करियर बदलने की सोच रहे हैं तो ध्यान रखें कि रेज्यूमे में कुछ परिवर्तन करने होते हैं। फिर भी रेज्यूमे को डेवलप करने से पूर्व संबंधित क्षेत्र का शोध कर लें। इंडस्ट्री के लोगों से बात करें और अपने ऑफर की जानकारी लें। इसके बाद अपने रेज्यूमे में अपने कौशल और अनुभव से जुड़े तथ्य जोड़ें। इसके बाद किसी वरिष्ठ से भावी नीति आदि पर चर्चा करें। अपना आकलन भी करते रहें, उसे रोकें नहीं। सौ प्रतिशत भरोसा किसी को भी नहीं होता, विपरीत परिस्थितियां कभी भी सिर उठा सकती हैं। इसके बावजूद अपने दिमाग में चल रही हजारों आवाजों को शांत करें और कार्रवाई में जुट जाएं।

मजबूत नेटवर्क
आज आप जो जानते हैं, वह नहीं, बल्कि किसे जानते हैं, यह मायने रखता है। समान कौशल होने पर भी वह व्यक्ति अक्सर शीर्ष पर जा पहुंचता है, जिसका नेटवर्क विस्तृत होता है, इसलिए अपनी डायरी को अपडेट करते रहें। सेमिनार्स आदि में जिन लोगों से मिलें, उनसे संपर्क में रहें, जरूरी सूचना का आदान—प्रदान करते रहें और कभी-कभार मिलते भी रहें। हैरानी की बात है कि आज दुनियाभर में 40 प्रतिशत नौकरियां प्लेसमेंट एजेंसियों या विज्ञापनों से नहीं, बल्कि अच्छी नेटवर्किंग से मिलती हैं। एम्प्लॉयर्स हमेशा ऐसे लोगों को लेना अधिक सुरक्षित समझते हैं, जो अनुभवी होते हैं और किसी अच्छी सिफारिश से आते हैं। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। आज दुनिया एक ग्लोबल विलेज है और अच्छी शुरुआत के लिए हमें एक-दूसरे की मदद चाहिए होती है। एक बार नौकरी मिलने के बाद व्यक्ति की जिम्मेदारी होती है कि वह खुद को साबित करे।

दोबारा छात्र बन जाएं
आजकल हर करियर से जुड़े स्पेशलाइज्ड कोर्स हैं। यदि जरूरत हो तो दूसरे करियर में जाने से पहले उस कोर्स से जुड़ा स्पेशलाइज्ड कोर्स करने से परहेज न करें। इससे उस क्षेत्र की बारीकियों को समझ सकेंगे। यदि कोर्स नहीं करना है तो भी नया सीखने के लिए हमेशा तैयार रहें। हैदराबाद स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) में दाखिला लेने से पूर्व नीरज मेहता डेंटिस्ट का काम करते थे। मैनेजमेंट का कोर्स करने के बाद उनका अपने पुराने पेशे में लौटने का कोई इरादा नहीं है।

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