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महंगाई पर सभी सरकारी ब्रेक फेल

ेन्द्र सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद महंगाई न अब तक क सभी रिकार्ड ताड़ दिए हैं। 14 जून का समाप्त हुए सप्ताह मं मुद्रास्फीति की दर 11.42 फीसदी पर पहुंच गई। पिछल 13 वर्षा मं महंगाई का यह उच्चतम स्तर है। बीत साल इस दौरान मुद्रास्फीति की दर मात्र 4.03 प्रतिशत क स्तर पर थी। इसस पहल 7 जून का समाप्त हुए सप्ताह मं मुद्रास्फीति दर 11.04 फीसदी दर्ज की गई थी। आयातित खाद्य तेल और सरसों तेल आदि के महंगा होने से महंगाई की दर 0.37 प्रतिशत और बढ़कर 14 जून को समाप्त हुए सप्ताह में 11.42 प्रतिशत पर पहुंच गई। महंगाई की दर का वर्तमान स्तर अप्रैल 1े बाद का अधिकतम है। रिजर्व बैंक ने महंगाई को थामने के लिए मंगलवार को रैपो दर आधा प्रतिशत बढ़ाकर साढ़े आठ प्रतिशत कर दी थी। रैपो दर का यह स्तर पिछले छह वर्ष का अधिकतम है। इसके अलावा सीआरआर में आधा प्रतिशत बढ़ोतरी की है। वित्त मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि महंगाई की दर के अभी कुछ सप्ताह तक दहाई अंक में बने रहने की उम्मीद है। दलाल स्ट्रीट में भी ब्लैक फ्राइडे, सूचकांक ढहाड्ढr मुंबई (वार्ता)। महंगाई की आंच और कच्चे तेल के उबाल में शुक्रवार को देश के शेयर बाजार झुलस गए। बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 620 अंक टूटकर दस माह के बाद 14000 अंक से नीचे उतर गया। नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) ने 17अंक की डुबकी लगाई। अमेरिका के शेयर बाजारों में गुरुवार की भारी मंदी और एशियाई शेयर बाजारों के टूटने के कारण यहां भी कारोबार की शुरुआत से ही बिकवाली का दबाव था। पूरे सत्र के दौरान भारी बिकवाली का दबाव रहा। बीएसई के सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से एक को भी बढ़त नसीब नहीं हो सकी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें करीब 142 डालर प्रति बैरल के निकट पहुंच गई। वहीं देश में महंगाई की दर 14 जून को समाप्त हुए सप्ताह में 0.37 प्रतिशत और बढ़कर अप्रैल 1े बाद के अधिकतम स्तर 11.42 प्रतिशत पर पहुंच गई। बाजार विशलेषक महंगाई की दर के 12 प्रतिशत से भी ऊपर निकल जाने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं।ं

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