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देवयानी मामले में अमेरिका के पास हैं तीन विकल्प

देवयानी मामले में अमेरिका के पास हैं तीन विकल्प

अमेरिकी अभियोजक भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े के खिलाफ 13 जनवरी को अभियोग दायर करने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन माना जा रहा है कि इस मुद्दे को सुलझाने के लिए अमेरिकी प्रशासन के भीतर तीन संभावित विकल्पों पर चर्चा हो रही है।

सूत्रों ने कहा कि इन तीन विकल्पों में पहला गत वर्ष 12 दिसंबर को वीजा जालसाजी और गलत जानकारी देने के आरोप में न्यूयार्क में गिरफ्तार खोबरागड़े को संयुक्त राष्ट्र में उनके परिचयपत्र को स्वीकार करके उनके खिलाफ न्याय विभाग द्वारा आपराधिक आरोप दायर किये जाने से पहले उन्हें पूर्ण राजनयिक छूट प्रदान करना शामिल है।

कहा जा रहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में यह सबसे पसंदीदा विकल्प है और माना जा रहा है कि इसका अमेरिकी प्रशासन में रहने वाले वे लोग समर्थन करते हैं जो भारत-अमेरिकी संबंधों के प्रबल समर्थक हैं और नहीं चाहते कि देवयानी के मामले के चलते दोनों देशों के मजबूत होते संबंध पटरी से उतरें।

सूत्रों ने बताया कि दूसरा विकल्प यह है कि 39 वर्षीय खोबरागड़े का संयुक्त राष्ट्र में स्थानांतरण उन पर आपराधिक आरोप लगाये जाने के बाद स्वीकार किया जाए। हालांकि इससे भारतीय राजनयिक खोबरागड़े और भारत दोनों के लिए कुछ तनाव उत्पन्न होगा।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय को खोबरागड़े के संयुक्त राष्ट्र में स्थानांतरण से संबंधित आवश्यक कागजात 20 दिसंबर को प्राप्त हुए थे। उसके 15 दिन बीत जाने के बाद भी विदेश मंत्रालय कागजातों की समीक्षा कर रहा है और असामान्य रूप से लंबा समय ले रहा है।

सूत्रों ने बताया कि अंतिम विकल्प आपराधिक आरोप लंबित रहने के चलते खोबरागड़े के संयुक्त राष्ट्र में स्थानांतरण को स्वीकार करने से इनकार करना है। यह सबसे कम वरीय विकल्प है और कहा जा रहा है इसकी अमेरिकी प्रशासन में वे लोग वकालत कर रहे जो एकमात्र विश्वशक्ति देश के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के तहत नई दिल्ली स्थित उसके दूतावास के बाहर से बैरियर हटाने और उसके राजनयिकों को दी गई सुविधाएं वापस लेने को लेकर भारत को एक सबक सिखाना चाहते हैं।

तीसरे विकल्प के समर्थक वर्तमान समय में अल्पसंख्या में हैं लेकिन उनका तर्क है कि यदि अमेरिका ने भारत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की तो अन्य देश भी जल्द ही भारत के रास्ते पर जा सकते हैं। यद्यपि सूत्रों ने कहा कि अभी तक कोई भी अंतिम निर्णय नहीं किया गया है और संभव है कि इस मुद्दे को सुलझाने के लिए अंतिम निर्णय करने के लिए एक उच्चस्तरीय हस्तक्षेप की जरूरत पड़े। वाशिंगटन में भारत-अमेरिकी संबंधों के मित्रों का कहना है कि तीसरे विकल्प से द्विपक्षीय संबंध कम से कम अगले कुछ वर्षों के लिए पटरी से उतर जाएंगे।

खोबरागड़े ने स्वयं के खिलाफ वीजा धोखाधड़ी मामले में अभियोग दायर करने की समय सीमा को एक महीने बढ़ाने की मांग की है लेकिन अभियोजन ने उनकी अर्जी का विरोध किया है। अमेरिका ने खोबरागड़े के मामले में माफी मांगने और राजनयिक के खिलाफ आरोपों को वापस लेने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है।

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