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मुजफ्फरनगर के बाशिंदों के साथ संपर्क में था लश्कर-ए-तैयबा

मुजफ्फरनगर के बाशिंदों के साथ संपर्क में था लश्कर-ए-तैयबा

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के दो संदिग्ध गुर्गों ने मुजफ्फरनगर क्षेत्र के दो लोगों से मुलाकात की थी। दिल्ली पुलिस का यह खुलासा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के इस बयान के तीन माह बाद किया कि मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों से पाकिस्तान की आईएसआई ने संपर्क साधा था। बहरहाल, पुलिस ने इनकार किया कि मुजफ्फरनगर के दोनों बाशिंदे दंगा पीड़ित थे या सांप्रदायिक दंगों से उनका कोई नाता था।

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ के विशेष आयुक्त ने मीडिया को बताया कि लश्कर के संदिग्ध गुर्गे मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद राशिद को हाल में हरियाणा के मेवात इलाके से गिरफ्तार किया गया और उन्होंने एक मस्जिद के निर्माण के लिए कोष उगाहने के लिए मुजफ्फरनगर के बाशिंदे लियाकत और जमीर से मुलाकात की थी।

विशेष प्रकोष्ठ ने पिछले माह लश्कर का एक आतंकवादी माड्यूल ध्वस्त करने का दावा किया था और कहा था कि उसने लश्कर के दो संदिग्ध गुर्गों को गिरफ्तार किया है जो दिल्ली में आतंकवादी हमला करने की साजिश रच रहे थे। राहुल गांधी ने पिछले साल अक्तूबर में चुनाव प्रचार के दौरान यह कह कर विवाद खड़ा कर दिया था कि खुफिया एजेंसी के अधिकारियों ने उन्हें बताया है कि आईएसआई मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों के बीच से नाराज युवकों की भर्ती करने का प्रयास कर रही है।

विशेष प्रकोष्ठ के विशेष आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि हमने उनसे पूछताछ की, उनकी पृष्ठभूमि की जांच की और उन सभी को देखा जो उनके संपर्क में थे। श्रीवास्तव ने बताया कि हमें पता चला कि वे मुजफ्फरनगर क्षेत्र में रहने वाले कुछ लोगों के संपर्क में थे। जब हमने उनसे इस बारे में पूछा तो उन्होंने हमें बताया कि राशिद एक अन्य आदमी के साथ देवबंद गया था। मैं अभी उस दूसरे व्यक्ति का नाम नहीं बता सकता।

विशेष आयुक्त ने कहा कि लौटते हुए उन्होंने किसी लियाकत को फोन किया जिससे पहले से उनकी पहचान थी और उसे बताया कि वे रात में उसके घर रुकेंगे और सुबह में पलवल, मेवात की ट्रेन लेंगे।

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  • Web Title:मुजफ्फरनगर के बाशिंदों के साथ संपर्क में था लश्कर-ए-तैयबा