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भारत में राजनीतिक बदलाव के लिए आगे आए टेक्नोक्रेट

भारत में राजनीतिक बदलाव के लिए आगे आए टेक्नोक्रेट

आचार्य बिनोबा भावे कहा करते थे, सामाजिक बदलाव के लिए सज्जनों का सक्रिय होना जरूरी है, नहीं तो दुर्जन सक्रिय होंगे, जिससे समाज गलत दिशा में जाएगा। देश में इन दिनों यही सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।

तकनीकी ज्ञान से लैस लोग अब राजनीति में आकर समाज में बदलाव की कमान थामने लगे हैं। बिहार, झारखंड, गोवा और दिल्ली के मुख्यमंत्री की कमान टेक्नोक्रेट हाथों में हैं। राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी के वार रूम में टेक्नोक्रेट लोग रणनीति बनाने में लगे हैं। इस बार आम चुनाव में कई बड़े टेक्नोक्रेट चुनाव मैदान में दिखेंगे।

टीम मोदी
- 60 सदस्य आईआईटी पृष्ठभूमि के हैं टीम नरेंद्र मोदी के सिटीजन फॉर एकाउंटेबल गर्वनमेंट (सीएजी) के। यह टीम नरेंद्र मोदी के लिए रणनीति और एक्शन प्लान बनाती है। ये लोग ऑरेकल, गूगल, आईबीएम जैसे संस्थान छोड़कर आए हैं।
- 200 सदस्य हैं मोदी की बी टीम में। इसमें ज्यादातर इंजीनियर हैं, जो आंशिक तौर पर नरेंद्र मोदी के लिए काम करते हैं।
- 60,000 सक्रिय कार्यकर्ता जुड़े हैं देश भर में टीम मोदी के सीएजी के सदस्य के तौर पर।

टीम राहुल
- 15 गुरुद्वारा रकाबगंज रोड से संचालित होता है राहुल गांधी का वार रूम।
- 2009 के चुनाव में तकनीकी स्नातक और कंप्यूटर के जादूगर कहे जाने वाले जयराम रमेश के जिम्मे था वार रूम
- 04 प्रमुख विज्ञापन और पीआर एजेंसियों की सेवाएं लेती हैं कांग्रेस पार्टी
- 36 साल के कंप्यूटर इंजीनियर कनिष्क सिंह टीम राहुल के खास हिस्सा हैं। स्टीफेंस कॉलेज के स्नातक कनिष्क राहुल के रणनीतिक सलाहकार हैं। 2003 में शीला दीक्षित के सलाहकार थे।

इनके हाथों में राज्यों की कमान
अरविंद केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 1989 में आईआईटी खड़गपुर से मेकैनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी। इसके बाद उन्होंने भारतीय राजस्व सेवा में भी काम किया। वर्ष 2006 में मैग्सेसे अवार्ड भी मिला।

मनोहर पर्रिकर
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर 1978 में आईआईटी बॉम्बे से पास हुए। वे 1994 में राजनीति में आए गोवा विधानसभा के सदस्य बने। 1999 में नेता विपक्ष व 2000 में पहली बार गोवा के सीएम बने। 2012 में दूसरी बार यह पद संभाला।

हेमंत सोरेन
पिता शिबू सोरेन की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाले युवा हेमंत सोरेन 13 जुलाई 2013 में झारखंड के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने इंजीनयरिंग की पढ़ाई बीआईटी मेसरा से की है।

नीतीश कुमार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पटना से इंजीनयरिंग की डिग्री प्राप्त की। पर जेपी और लोहिया से प्रभावित होकर वे राजनीति में आए। उनके कई रणनीतिक सलाहकार भी टेक्नोक्रेट हैं।

अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सिविल पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्नातक हैं। विज्ञान एवं तकनीक क्षेत्र में उनकी गहरी रूचि है।

2014 के लोकसभा चुनाव में दिखेंगे नए चेहरे
नंदन निलेकणि
आईआईटी बॉम्बे से पढ़े नंदन निलेकणि यूआईडीएआई के चेयरमैन हैं। वह इन्फोसिस के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे हैं और वर्ष 2002 से 2007 के बीच सीईओ पद संभाला। चर्चा है कि वह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लडेंगे।

वी. बालाकृष्णन
इन्फोसिस के निदेशक मंडल से इस्तीफा देने वाले वी. बालाकृष्णन नए साल की सुबह आम आदमी पार्टी के साथ हो गए। वे कर्नाटक की राजनीति में आम आदमी पार्टी का चेहरा होंगे। बाला ने मद्रास विवि से बीएससी किया था।

कैप्टन गोपीनाथ
देश में सस्ती एयरलाइन एयर डेक्कन शुरू करने वाले कैप्टन जीआर गोपीनाथ भी आप के सदस्य हो गए हैं। 2009 में स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने वाले गोपीनाथ इस बार भी कर्नाटक से लोकसभा चुनाव मैदान में होंगे।

बढ़ता कारवां
- 100 इंजीनियर बिहार में हफ्ते भर के भीतर आप के सदस्य बने।
- 50 से ज्यादा मगध विश्विद्यालय के प्रोफेसर आप के सदस्य बने।
- 65 आईआईटीयंस की टीम है यूपी भाजपा की तकनीकी सेल में, जो सोशल साइट्स पर पार्टी का प्रचार करती है।
- 16 विधायक हैं यूपी की मौजूदा विधानसभा में तकनीकी शिक्षा में डिग्रीधारी।

ये भी हैं टेक्नोक्रेट
अजित सिंह
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के बेटे और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री आईआईटी खड़गपुर से पढ़े हैं।

जयराम रमेश:
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री पेशेवर रूप से इंजीनियर हैं। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से मेकैनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया है।

प्रेमदास राय
सिक्किम से लोकसभा के सदस्य, आईआईटी कानपुर इंजीनियरिंग और आईआईएम अहमदाबाद से प्रबंधन की डिग्री हासिल की है।

दिल्ली मंत्रीमंडल में शामिल विशेषज्ञ
मनीष सिसौदिया
शिक्षा मंत्री और पेशेवर पत्रकार के साथ मेकैनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं। 
सोमनाथ भारती
कानून एवं पर्यटन मंत्री सोमनाथ भारती ने आईआईटी दिल्ली से स्नातक हैं।
सौरभ भारद्वाज
परिवहन, पर्यावरण मंत्री सौरभ भारद्वाज कंप्यूटर साइंस में बी. टेक हैं।

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