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सैकड़ो विमान यात्रियों ने एयरपोर्ट टर्मिनल पर गुजारी रात

लखनऊ हिन्दुस्तान टीम। कोहरे के कारण नई दिल्ली एयरपोर्ट बंद होने से लखनऊ में उतारे गए 14 घरेलू विमानों और एक अन्तरराष्ट्रीय एयर एम्बुलेंस को सोमवार को दिन में रवाना किया गया। रात भर यहां रुके विमानों के रवाना होने का क्रम दोपहर 12:30 बजे शुरू हो पाया जो अपराह्न् 3 बजे तक चला। इसके पूर्व लखनऊ में पूरी रात गुजारने वाले हजारों यात्रियों का अनुभव बेहद कड़वा रहा।

सैकड़ो यात्रियों को होटलों में भेजा गया लेकिन कुछ ही देर में होटल भर गए। एयरपोर्ट टर्मिनल की सीटों पर बैठ कर बिना कुछ खाए-पिए रात बिताने वाले यात्रियों ने खूब हंगामा किया। कई यात्रियों को तो होटलों में ठहरा दिया गया था लेकिन करीब 2000 यात्रियों को पूरी रात एयरपोर्ट के टर्मिनल एक और दो में सीट पर बैठे गुजारनी पड़ी।

एयरपोर्ट प्रशासन इन यात्रियों की संख्या 1400 बता रहा है। बहुत से यात्रियों के पास सर्दी से बचाव के लिए पर्याप्त कपड़े भी नहीं थे। केन्द्रीय मंत्री मानिक राव गावित स्पाइस जेट की वाराणसी जयपुर नई दिल्ली जाने वाली उड़ान में थे। उनका विमान भी लखनऊ में उतरा। यहां से उनको एयरपोर्ट अथारिटी के गेस्ट हाउस भेजा गया। रविवार की देर शाम 8 बजे से नई दिल्ली के विमानों का लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर उतरने का सिलसिला शुरू हुआ जो रात 11:45 बजे तक चला।

केन्द्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा एयर इंडिया के जिस विमान एआई 432 से रविवार दिल्ली जा रहे थे, यह उड़ान शाम को 6 बजे रवाना हुई। क्रू सदस्यों का दूसरा जत्था आने पर रवाना हुए विमाननई दिल्ली जाने वाले विमान यहां उतर जाने के बाद क्रू सदस्यों की कमी हो गई। दरअसल एविएशन के नियम बेहद सख्त हैं और पाइलट लगातार डबल शिफ्ट में काम नहीं कर सकते। यानी जो पाइलेट विमान उड़ा कर लाए थे वे ही उनको नहीं ले जा सकते।

ऐसे में अन्य विमानों से जब दूसरे क्रू सदस्य आए तो विमान रवाना किए गए। कैसे बीती रात- पहले तो यह माना गया कि कोहरा कुछ समय में छंट जाएगा। इसलिए विमानन कंपनियों ने यात्रियों को विमान में ही रखा। तड़के 3 बजे जब कोहरा छंटने की उम्मीद खत्म हो गई तो प्रीपेड टैक्सी बूथ और कार रेंटल टैक्सी बूथ खुलवाए गए। आधे घंटे में 150 टैक्सियां बुलवाई गईं जिनसे यात्रियों को हजरतगंज, आलमबाग और चारबाग स्थित होटलों में भेजा गया।

टैक्सियां नहीं मिली तो बसों से यात्रियों को भेजा गया। महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता दी गई। होटलों में जगह नहीं बची तो शेष यात्रियों को विमान या एयरपोर्ट टर्मिनल में जगह दी गई। स्पाइस जेट की चार उड़ानों के यात्रियों ने खूब हंगामा किया क्योंकि उनको किसी होटल में नहीं भेजा गया। उनके खाने-पीने की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। प्रशासन की जिम्मेदारी-एयरपोर्ट के निदेशक सुरेश चन्द्र होता के मुताबिक यात्रियों को सुविधाएं एयरलाइन्स अपनी नीति के आधार पर देती है।

एयर इंडिया जैसी फुल सर्विस सेवाएं यात्रियों को ऐसी स्थिति में नीति के आधार पर होटलों में रुकवाती हैं और खाने पीने का प्रबंध करती हैं। वहीं सस्ती सेवाएं देने वाली कंपनियां उड़ान डायवर्ट होने की सूरत में होटल और खाने पीने की सुविधा नहीं देतीं। एयरपोर्ट प्रशासन की जिम्मेदारी टर्मिनल तक की है। यहां उनको वातानुकूलित हॉल और बैठने का इंतजाम मिलता है। इन परिस्थितियों में टर्मिनल स्थित खानपान की दुकानों को खुलवा दिया जाता है। 8 उड़ानें रद की गईं, विदेश नहीं जा सके दर्जनों यात्रीकोहरे के कारण सोमवार को इंडिगो, एयर इंडिया, जेट एयरवेज और स्पाइस जेट की कुल 8 आने व जाने वाली उड़ानें रद कर दी गईं।

इनमें से एक कनेक्टिंग फ्लाइट थी यानी उसके यात्रियों को आगे दूसरे विमान से विदेश जाना था। यह उड़ान कैंसिल हो जाने से दर्जनों यात्री विदेश नहीं जा सके। सोमवार को इंडिगो की 6 ई 444, एयर इंडिया की 411-422, जेट एयरवेज की 2121, स्पाइस जेट की एसजे 518 कैंसिल कर दी गई। इनमें से एयर इंडिया की उड़ान जेद्दा जाने वाली एक उड़ान को जोड़ती है। इस उड़ान को सुबह 8:05 पर रवाना होना था। इसके यात्री नहीं जा सके।

इनको एआई 432 से शाम को भेजा गया। टर्मिनल से बाहर आए यात्रियों का हंगामाएयर इंडिया की उड़ान 411 से जाने के लिए बोर्डिग करा चुके 75 यात्रियों को टर्मिनल बिल्डिंग में ही रोक दिया गया। दोपहर हो गई तो यात्रियों का भूख प्यास से बुरा हाल हो गया। टर्मिनल स्थित दुकानों में सामान काफी महंगा होने के कारण 40 यात्री बाहर आ गए। जब वे वापस जाने लगे तो उनको भीतर जाने नहीं दिया गया। यात्रियों ने पहले एयर इंडिया के काउंटर पर जाकर मदद मांगी।

इसके बाद एयरपोर्ट प्रशासन से कहा। हंगामे के बाद उनको टर्मिनल में प्रवेश मिला। शाम को एआई 432 से उनको भेजा गया। टाइमलाइन-रविवार रात 8 बजे नई दिल्ली जाने वाले विमानों का लखनऊ उतरना शुरूरविवार रात 11:45 तक चलता रहा विमानों के आने का सिलसिलासोमवार की सुबह 12 बजे से 3 बजे तक विमानों में रहे यात्रीसुबह 3 बजे प्रीपेड टैक्सी बूथ और रेंटल टैक्सी बूथ खुलवाकर मंगवाई गईं 150 टैक्सियां3:30 बजे टैक्सी कम पड़ गईं तो बसों से यात्रियों को होटलों में भेजा गया3:30 बजे सूचना आई कि होटलों में जगह नहीं बची3:30 बजे 1400 से 2000 यात्रियों को एयरपोर्ट टर्मिनल में बैठाया गया, इनमें 900 यात्री स्पाइस जेट के चार विमानों के थे।

स्पाइस जेट के यात्रियों की शिकायत थी कि उनको नश्ता-चाय कुछ नहीं मिला7 बजे टर्मिनल पर रुके यात्रियों ने खूब हंगामा किया10:30 पर अमौसी चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से विमानों के जाने का क्रम शुरू हुआसबसे पहले जेट एयरवेज की सुबह 6:15 पर जाने वाला विमान सुबह10:30 बजे उड़ा3 बजे तक अन्य विमान भी रवाना किए गएलखनऊ में उतरे विमान -एयर इंडिया की पूना नई दिल्ली और लखनऊ नई दिल्ली उड़ानगो एयर की पटना नई दिल्ली और लखनऊ नई दिल्ली उड़ानजेट एयरवेज की कोलकाता नई दिल्ली, बंगलुरु नई दिल्ली की दो उड़ानें, लखनऊ नई दिल्ली की उड़ानस्पाइस जेट की गोवाहाटी नई दिल्ली, सूरत नई दिल्ली, जबलपुर नई दिल्ली और वाराणसी वाया जयपुर नई दिल्ली उड़ानइंडिगो की लखनऊ नई दिल्ली उड़ानअन्तरराष्ट्रीय एयर एम्बुलेंस म्यांमार से नई दिल्लीं।

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