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घोसी में हंगामा, अफसर को पीटा

जिला प्रशासन के लिए राशन-किरासन कूपन का वितरण धीर-धीर सर दर्द बनते जा रहा है। हालात यहां तक बिगड़ रहे है कि कूपन वितरण में जगह-ागह से हंगामे की खबरें आ रही है, लेकिन शुक्रवार को तो मामला कुछ और ही बिगड़ गया जब कूपन वितरण के दौरान घोसी के कल्याण पदाधिकारी के साथ मारपीट की गई और मखदुमपुर के बीडीओ हंगामे के कारण अपनी जान बचाकर भागे।ड्ढr ड्ढr मखदुमपुर से नि.सं. की खबर के अनुसार प्रखंड क्षेत्र के भैक पंचायत के प्रभातनगर हाई स्कूल में कूपन वितरण में इस कदर हंगामा हुआ कि मामले को शांत कराने पहुंचे स्थानीय बीडीओ उज्जवल कुमार सिंह को ही जान बचाकर भागना पड़ा। इस मामले में बीडीओ ने जहां धमकी देने और सरकारी काम में बाधा डालने का प्रतिवेदन प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को दिया है। वहीं प्रभातनगर हाई स्कूल के एक शिक्षक ने भी बीडीओ पर गाली गलौज और दूव्र्यवहार करने का आरोप लगाया है। देर रात पुलिस ने बीडीओ की शिकायत पर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। उधर घोसी से सं.सू ने खबर दी कि ओकरी में कुपन वितरण कराने गए मोदनगंज प्रखंड के कल्याण पदाधिकारी मृत्युंजय सिंह के साथ कुछ लोगों ने गाली-गलौज और मारपीट किया। उक्त मामले में कल्याण पदाधिकारी के बयान पर घोसी थाने में एक को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई है। कल्याण पदाधिकारी ने अपने बयान में कहा है कि गुरूवार को शाम होने के कारण कुछ कुपन का वितरण नहीं हो सका।ड्ढr ड्ढr आयुक्त के जनता दरबार में नारेबाजीड्ढr छपरा (सं.सू.)। सदर प्रखंड की डुमरी पंचायत के ग्रामीणों ने शुक्रवार को आयुक्त के जनता दरबार में उनके ही विरुद्ध जमकर नार लगाए। स्थिति ऐसी गंभीर हो गई कि जनता दरबार में मौजूद डीआईजी को डीएसपी व नगर थाना पुलिस बुलानी पड़ी। ग्रामीण पंचायत के मुखिया वीरन्द्र साह एवं सचिव रामजन्म सिंह के विरुद्ध चल रहे भ्रष्टाचार की जांच को रोकवाने का कारण आयुक्त से जानना चाह रहे थे। जब उन्हें संतोषपूर्ण जवाब नहीं मिला तो वे जनता दरबार में ही आयुक्त के विरुद्ध मुर्दाबाद का नारा लगाने लगे। इस दौरान कमिश्नर मौन दिखे। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद डीआईजी ने नगर थाना को सूचित किया। थानाध्यक्ष जयराम शर्मा ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाया। उसी वक्त डीएसपी मिथिलेश कुमार भी पहुंचे तथा सभी को डीआईजी कार्यालय में ले गए। डीआईजी ने भी लोगों का काफी समझाया तथा उच्चाधिकारियों के विरुद्ध ऐसा आचरण करने से मना किया।ड्ढr ड्ढr विरोध करने वाले सत्यनारायण सत्यम, राजेन्द्र राय, संजय सिंह, महेन्द्र ठाकुर, राजकुमारी देवी, रामजी सिंह, शिवचंद्र सिंह, प्रदीप ठाकुर, मदन सिंह, विपिन सिंह, मनोज सिंह, ओमप्रकाश सिंह सहित करीब डेढ़ सौ ग्रामीणों ने आयुक्त को ज्ञापन देकर वर्तमान जांचकर्ता से ही जांच करवाने की मांग की। मालूम हो कि पूर्व में डीएम ने मामले में डीएसपी को जांच को आदेश दिया था। उस जांच को आयुक्त ने रोकवा दिया। पुन: जब ग्रामीणों ने आयुक्त को आवेदन दिया तो उन्होंने भूअर्जन पदाधिकारी को जांच का आदेश दिया पर बीच में ही जांच को रोकवा दिया। इससे ग्रामीण बौखलाए हुए थे।

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