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छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाली सिपाही बयान देने नहीं पहुंची

लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता। ट्रांसगोमती इलाके के एक थाने में दो महिला सिपाहियों के बीच झगड़े का मामला तूल पकड़ता जा रहा है और इनकी तनातनी में पुलिस महकमे की किरकिरी भी हो रही है। सोमवार को छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाली महिला सिपाही सीओ कैण्ट को बयान देने नहीं पहुंची। उसने अपने एक रशि्तेदार की तबियत खराब होने की बात कहकर समय मांगा है।

वहीं, दूसरी सिपाही ने सीओ को दिए अपने बयान में कहा कि उसे बदनाम किया गया है। वह आरोप लगाने वाली सिपाही के खिलाफ मुकदमा जरूर करवाएगी। एफआईआर कराने के लिए यह महिला सिपाही सोमवार को डीआईजी कार्यालय भी गई थी लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। शनिवार को फेसबुक पर एक महिला सिपाही ने अपने थानेदार की दूसरी सिपाही के साथ नजदीकियां होने के आरोप लगाने के साथ यह भी लिखा कि इस थानेदार ने उस पर भी गलत नियत डाली थी।

इसके बाद ही पुलिस महकमे में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। बड़े अफसरों ने इस प्रकरण को गम्भीरता से लिया और जांच शुरू करवा दी। पहले ही दिन मोड़ तब आया जब दूसरी सिपाही एसएसपी आवास पहुंची और अपनी सहकर्मी की करतूत पर आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। बवाल बढ़ने पर एसएसपी ने एएसपी से जांच को लेकर महिला सीओ बबिता सिंह को जांच दे दी। रविवार को इस प्रकरण में तब और नया मोड़ आया जब छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाली महिला सिपाही ने इस्तीफा देने का दावा कर दिया।

इस इस्तीफे की जांच सीओ गोमती नगर ने शुरू की। वह सोमवार को इस महिला के बयान लेने पहुंचे। महिला सिपाही का कहना है कि उन्होंने सीओ को भी इस्तीफा लिख कर दे दिया है। इस बारे में सीओ कुछ नहीं बोल रहे हैं। उधर सीओ बबिता सिंह का कहना है कि छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाली सिपाही सोमवार को उन्हें बयान देने नहीं आई है। अगर वह मंगलवार को नहीं आएगी तो वह खुद बयान लेने जाएंगी। दूसरी सिपाही ने जरूर अपना पक्ष रखा है।

बताया जाता है कि इस सिपाही ने सीओ से कहा कि सोशल साइट पर उसे बदनाम किया गया है। यह सिपाही सोमवार को डीआईजी दफ्तर भी शिकायती पत्र लेकर गई थी।

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