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मनरेगाकर्मियों की मांगें मानी, हड़ताल खत्म

रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो। ग्रामीण विकास मंत्री चंद्रशेखर दूबे और झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के बीच सोमवार को वार्ता हुई। वार्ता के क्रम में मंत्री ने मनरेगाकर्मियों की हर वाजबि मांग को मान लिया। इसके बाद मनरेगा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बसंत सिंह ने जारी हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। कल से मनरेगाकर्मी अपने काम पर उपस्थित होंगे। वार्ता में ग्रामीण विकास सचवि अरुण, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बसंत सिंह, महामंत्री शराफत अंसारी, राज्य कर्मचारी संघ के महामंत्री अशोक कुमार सिंह शामिल थे।

14 जनवरी को मनरेगा कर्मचारी संघ को समझौते की लिखित प्रतिलिपी उपलब्ध करायी जाएगी। वार्ता के क्रम में मंत्री ने मुख्य रूप से चार मांगें मानी। इसके तहत मनरेगा का अस्तित्व जब तक रहेगा, तब तक संविदा पर कार्यरत मनरेगाकर्मी काम करते रहेंगे। ग्राम रोजगार सेवक का मानदेय 10 हजार रुपए प्रतिमाह होगा। अन्य पदों का मानदेय इसी अनुपात में बढ़ाया जाएगा। वार्ता के दौरान ग्रेच्यूटी एवं इपीएफ की कटौती पर भी सहमति बनी। साथ ही ग्रामीण विकास विभाग, श्रम एवं नियोजन विभाग तथा पंचायती राज विभाग में रिक्त होने वाले पदों पर मनरेगाकर्मियों की बहाली की जाएगी।

अलग से मनरेगा सेल का गठन किया जाएगा। इसके गठन के बाद प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी को 10 लाख रुपए तक की योजनाओं की मंजूरी देने का अधिकार मिलेगा। मनरेगा में कार्य के दौरान किसी मजदूर या कर्मी की मृत्यु होने पर आश्रित को 75 हजार रुपए तथा सामान्य मृत्यु होने पर 20 हजार रुपए अनुग्रह राशि भी दी जाएगी। मनरेगाकर्मियों की सभी वाजबि मांगे मान ली गई हैं। उन्हें खुश करके भेजा गया है। हड़ताल समाप्त हो गई है। चंद्रशेखर दूबे मंत्री ग्रामीण विकास विभाग।

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