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योजना आकार में दस प्रतिशत वृद्धि की संभावना

रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो। अगले वित्तीय वर्ष 2014-15 के योजना आकार में दस प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2013-14 का योजना आकार 16,800 करोड़ रुपये है। योजना एवं विकास विभाग ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए योजना प्रारूप की तैयारी शुरू कर दी है।

योजना सचिव डीके तिवारी ने विभागों से राज्य योजना मद में अधिकतम दस प्रतिशत की वृद्धि के साथ प्रारूप मांगा है। उन्होंने विभागवार योजना आलेख की समीक्षा शुरू कर दी है। सोमवार को कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य, सहकारिता, विज्ञान एवं प्रावैधिकी, भवन, कला एवं संस्कृति, राजस्व, गृह, पंचायती राज, खाद्य आपूर्ति, पर्यटन, वाणिज्यकर, उद्योग, सूचना प्रोद्यौगिकी, खान एवं भूतत्व, नागर विमानन, आपदा प्रबंधन, सूचना एवं जनसम्पर्क तथा योजना एवं विकास विभाग ने योजना आलेख समर्पित किया।

दस प्रतिशत वृद्धि का निर्देश : प्रधान सचवि विभागों को केन्द्र प्रायोजित योजनाओं तथा 13वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के आलोक में प्राप्त होने वाली राशि के अलावा राज्य योजना मद में इस साल की तुलना में अधिकतम दस प्रतिशत राशि का प्रावधान करने पर जोर दे रहे हैं। सभी विभागों से आलेख प्राप्त होने के बाद 2014-15 के योजना आकार को अंतिम रूप दिया जाएगा। उधर, वित्त विभाग अगले साल विभिन्न स्रेतों से सरकार को होने वाली आय का आकलन कर रहा है, जिसके आधार पर योजना एवं गैर योजना बजट को अंतिम रूप दिया जाएगा।

फरवरी के दूसरे सप्ताह से विधानसभा का बजट सत्र होने की संभावना है। उसे पहले बजट तैयार कर लेना है। खर्च का भी ले रहे हिसाब : योजना सचवि अगले साल के बजट के साथ-साथ चालू वित्तीय वर्ष के खर्च का हिसाब भी ले रहे हैं। सभी विभागों को दसिंबर तक हुए वास्तविक खर्च तथा मार्च तक होने वाले अनुमानित खर्च का लेखा-जोखा मांगा गया है। आठ जनवरी को पथ, स्वास्थ्य, शिक्षा, वन, जल संसाधन, पेयजल, ऊर्जा, नगर विकास, श्रम नियोजन, कल्याण, समाज कल्याण, ग्रामीण विकास तथा ग्रामीण कार्य के योजना आलेख की समीक्षा की जाएगी।

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