DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

उद्योगजगत ने बिहार के विकास को मांगी विशेष मदद

पटना हिन्दुस्तान ब्यूरो। राज्य के औद्योगिक संगठनों ने 14वें वित्त आयोग से बिहार की समस्याएं गिनाते हुए विशेष मदद की मांग की। केन्द्रीय करों में राज्य को 50 प्रतिशत हिस्सा देने की मांग भी की। साथ ही राज्य सरकार को अपनी जरूरत के अनुसार योजना बनाने की छूट देने की मांग करते हुए बैठक में शामिल लोगों ने कहा कि केन्द्र सरकार फंड देते समय सिर्फ सेक्टर तय कर दे।

राज्यों को दिया जाने वाला फंड अनाबद्ध हो। इससे विाकस की जरूरतों के अनुसार राज्य को योजना तय करने में सुविधा होगी। वित्त आयोग की टीम के साथ सोमवार को हुई बैठक में उद्योगपतियों ने जमीन, रोड और रेल आदि के साथ औद्योगिकरण को तेज करने के लिए दूसरी संरचात्मक सुविधाओं पर चर्चा की। विशेष राज्य के दर्जे के साथ हर वर्ष आने वाली बाढ़ और सुखाड़ से राज्य को होने वाली क्षति का मुद्दा उठाया। इन समस्याओं से निपटने के लिए राज्य को विशेष आर्थिक सहायता देने की मांग की गई।

उद्योगपतियों ने आयोग की टीम से यह जानना चाहा कि कितने वर्षो में बिहार को विकसित राज्य की श्रेणी में लाने का लक्ष्य तय किया गया है। उद्योगपतियों ने कहा कि बिहार तीसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है। देश की औसत जनसंख्या धनत्व 382 प्रतविर्ग किलामीटर है जबकि बिहार में 1102 प्रति वर्ग किलोमीटर। प्रति व्यक्ति आय भी कम है। शहरीकरण में तो राज्य सबसे निचले पायदान पर है। लिहाजा यहां शहरीकरण और औद्योगिकरा दोनों पर ध्यान देना होगा।

इससे रोजगार के अवसर बनेंगे। विभागजन के बाद औद्योगिक रूप से विकसित क्षेत्र झारखंड में चले गए। ऐसे में नए उद्योगों की स्थापना यहां बड़ी चुनौती है। विशेष राज्य का दर्जा मिलने पर ही यह समस्या दूर होगी। लेकिन वित्त आयोग विशेष दर्जा प्राप्त राज्यों को मिलने वाली छूट के बाराबर पैसा राज्य सरकार को दे सकता है।

इससे सरकार उत्पाद करों के रूप में वसूली गई राशि उद्योगपतियों को वापस कर सकेगी। बैठक में बीआईए अध्यक्ष अरुण अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष केपीएस केसरी, सीआईआई के अध्यक्ष शैलेन्द्र सिन्हा, चैम्बर के अध्यक्ष पीके अग्रवाल, महिला उद्योग संघ की अध्यक्ष पुष्पा चोपड़ा, इंडियन चैम्बर के कमल साही, पीएचडी चैम्बर के सत्यजीत सिंह, चीनी मिल एसोसिएशन के नरेश भट्ट, मोटर ट्रान्सपोर्ट फेडरेशन के उदय शंकर सिंह, केमिस्ट एन्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पीके सिंह, पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अमित मुखर्जी और चार्टर एकाउन्टेंट सुबोध कुमार जैन उपस्थित थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:उद्योगजगत ने बिहार के विकास को मांगी विशेष मदद