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नवजात व मां की सेहत पर सालभर नजर रखेंगी आशा

बिहारशरीफ। हिन्दुस्तान संवाददाता। प्रसव के बाद प्रसूता मां व नवजात बच्चों को एक साल तक सेहत की सुरक्षा के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है। जच्चा -बच्चा दोनों की सेहत पर जिले की आशा अपनी नजर रखेंगी। इस बीच यदि जरूरत पड़ी तो नवजात व उसकी मां को इलाज कराने के लिए अस्पताल आने व जाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर नि:शुल्क 102 एम्बुलेंस की भी सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी।

सरकार की योजना को सफलीभूत बनाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने पहल शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे अमली जामा पहनाने के लिए सोमवार को जिला स्वास्थ्य समिति के सभागार में जिले के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों व बीसीएम को ट्रेनिंग दी गयी। प्रसव बाद गृह भ्रमण योजना के तहत जिले की आशा एक साल तक बच्चों व उसकी मां की सेहत के लिए सात बार उसके घर जाकर जाकर स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे पहले 45 दिनों तक जच्चा-बच्चा की सेहत पर नजर रखती थीं।

इसके बदले में उन्हें 250 रुपये प्रोत्साहन के रूप में दिये जाते थे। अब वे इस योजना के तहत सालभर में सात बार कर दिया गया है। इसके अलावा प्रसव के तीसरा, छठा , नौंवा व बारहवें महीने में उसके घर जाकर गृहभ्रमण करेंगी। गृहभ्रमण के दौरान बच्चा व उसकी मां की सेहत के बारे में रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य विभाग को करेंगी। गृहभ्रमण के दौरान आशा वृद्धि चार्ट बनाएंगी । जिसमें स्वास्थ्य संबंधित जानकारी रहेगी। रिपोर्ट के आधार पर यदि बेहतर इलाज की जरूरत होगी तो संबंधित पीएचसी में भेजें जाएंगे।

उन्हें आने जाने के लिए एम्बुलेंस की सुविधा नि:शुल्क दी जाएगी । साथ ही दवा मिलेगी। सात बार गृहभ्रमण व सेहत पर नजर रखने के एवज में अब उन्हें 250 की जगह 750 रुपये मिलेंगे। ट्रेनिंग प्राप्त चिकित्सक नौ जनवरी से जिले की सभी आशा व एएनएम को क्रमबद्ध तरीके से इसकी ट्रेनिंग देंगे। उन्हें प्रसव बाद बच्चा व मां की सेहत की सुरक्षा के बारे में नजर रखने के लिए जानकारी दी जाएगी। चिकित्सकों व प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को राज्यस्तरीय कार्यक्रम प्रबंधक रत्न कुमार , जिला उप शिशु प्रबंधन अन्यास कुमार नवीन ने प्रशिक्षण दिया।

इन केन्द्रों पर मिलेगी ट्रेनिंग अस्थावां, हिलसा, इस्लामपुर, सदर पीएचसी बिहारशरीफ, नूरसराय, चंडी व राजगीर अस्पताल शामिल हैं। क्या कहते हैं अधिकारी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.शैलेन्द्र नारायण ने बताया कि योजना को पूरी तरह से सफल बनाने के लिए जिले की एएनएम व आशा को नौ जनवरी से प्रशिक्षण प्राप्त चिकित्सक ट्रेनिंग देंगे। इसकी तैयारी पूरी कर ली गयी।

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