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26 फरवरी, 2020|3:15|IST

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तेल का धक्का

रिकॉर्ड बनाती महंगाई 14 जून को खत्म हफ्ते में यह 13 साल में सबसे ज्यादाड्ढr 16.मार्च,1अधिकतम दरड्ढr वजह : चाय, दूध, नमक, वनस्पति घी, खाद्य तेल और सरसों तेल का महंगा होना. प्रयास विफल : रिार्व बैंक रैपो दर बढ़ा रहा है। उसने रैपो दर आधा फीसदी और बढ़ाकर 8.5 फीसदी कर दी। लेकिन महंगाई पर इसका असर नहीं हो रहा।ड्ढr सरकार बोली : मुद्रास्फीति की दर के अभी कुछ सप्ताह तक दहाई अंक में बने रहने की उम्मीद है। इसे नीचे आने में तीन माह का समय लग सकता है।ड्ढr कच्चा तेल चोटी पर : दो डॉलर बढ़कर 141.डालर प्रति बैरल पर पहुंचाड्ढr वजह : लीबिया ने तेल आपूर्ति रोकने की धमकी दी और डॉलर कमजोर होनाड्ढr चेतावनी : ओपेक ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें 170 डॉलर तक पहुंचेंगींड्ढr नुकसान : कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के कारण अमेरिका के डाऊ जोंस औद्योगिकी सूचकांक को करारा झटका लगा। प्रमुख एशियाई बाजारों में भी गिरावट का रुख रहाड्ढr शेयर बाजार लुढ़का : 14 माह के न्यूनतम स्तर 13,802 पर आया, एनएसई 17अंक गिरकर 4136.65 अंक परड्ढr कारण : महंगाई की दर और तेल की कीमतों में वृद्धि

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  • Web Title: तेल का धक्का