DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मोदी की बयार में बह सकतें हैं रामकृपाल

कोरांव। माकपा की ओर से आदविासियों को मिला नेता पिछले दो पंचवर्षीय चुनावों से अपनी जमीन तलाशने के बाद अब भाजपा में जाने की तैयारी कर रहा है। यदि सब कुछ अनुकूल रहा तो शीघ्र ही यह गद्दावर नेता कमल का फूल खिलाने के प्रयास में होगा। लगातार भाजपा नेताओं के सम्पर्क में होने के कारण इनका कुनबा भी बिखरता नजर आ रहा है। वर्ष1997 में पहली बार तत्कालीन विधायक रामदेव को हराकर मेजा सुरक्षित सीट से माकपा का झण्डा फहराने वाले नेता राम कृपाल कोल ने अपनी विजय पताका फहरायी।

2002 में भाजपा प्रत्याशी रहे तुलसी दास राणा को हराकर जारी रखा था। लेकिन 2007 के विधान सभा चुनाव में उन्हें पटखनी देकर बसपा प्रत्याशी राजबली जैसल ने यह सीट उनसे छीन ली। 2012 में भी वे दूसरे स्थान पर तो रहे लेकिन राजबली जैसल को इस बार भी मात नहीं दे सके। चर्चा है कि अब वही माकपा नेता एवं पूर्व विधायक राम क़ृपाल कोल अपनी जमीन दोबारा तलाश करने के प्रयास में हैं। इसमें इलाहाबाद के एक भाजपा के पूर्व विधायक उनका तार उच्च नेताओं तक जुड़वा चुके हैं।

सुनने में तो यहां तक आ रहा है कि मिर्जापुर लोकसभा सीट सुरक्षित हो जाने के कारण देर सबेर राम कृपाल को उस सीट से उतारा जा सकता है। हालाकि उस सीट से एक पूर्व सांसद राम सकल इसके बड़े दावेदार उभर कर आ रहें हैं। यदि यह बात सही साबित होती है तो नशि्चय ही देश में बह रही मोदी की बयार का फायदा उन्हें मिल सकता है। इससे उनकी लखनऊ के स्थान पर दिल्ली की डगर नसीब हो सकती है।

हालाकि यदि उन्होंने भाजपा का दामन थामा तो राजनीतिक जानकारों के अनुसार कोरांव विधानसभा पर भी उसका असर पड़ सकता है। उनकी इस चर्चा से उनके कुनबे में शामिल माकपा के जिला मंत्री रहे रामनरायण मौर्य भी सपा का दामन थाम चुके हैं। इसी तरह अन्य साथी भी किसी न किसी नाव के इन्तजार में है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:मोदी की बयार में बह सकतें हैं रामकृपाल