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नक्सलियों के रेड कॉरीडोर का गलियारा तो नहीं वेस्ट यूपी!

मेरठ। वरिष्ठ संवाददाता। कई राज्यों में फैल चुके नक्सली अब आतंकियों से हाथ मिलाकर वेस्ट यूपी और दिल्ली तक पहुंच चुके हैं। इससे पहले भी दिल्ली और वेस्ट यूपी में कई ऐसे संदिग्ध पकड़े गए, जिनका संबंध नक्सल प्रभावित राज्यों से रहा है। खुफिया सूत्रों की मानें तो पूर्वी राज्यों से यूपी की ओर रुख कर चुका ‘रेड कॉरीडोर’ अब वेस्ट यूपी और दिल्ली की तरफ जाता दिख रहा है।

माना जा रहा है कि नक्सली और पाक समर्थित आतंकी हाथ मिलाकर यहां नेटवर्क बना रहे हैं। 21 फरवरी 2012 को दिल्ली में आईएसआई एजेंट कामरान अकबर उर्फ अत्तार उर्फ आसिफ हुसैन को गिरफ्तार किया गया था। वह कई साल पश्चिम बंगाल के नक्सली क्षेत्र में रहा था। 25 मार्च को 2012 को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने जम्मू कश्मीर निवासी एहतेशाम और शफाकत को गिरफ्तार किया था। इन दोनों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र झारखंड में अपना नेटवर्क कुबूल किया था।

अब नक्सली कमांडर चंदन से हुए खुलासे से दिल्ली और वेस्ट यूपी की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जम्मू से बंगाल तक जुड़ते नक्सली नेटवर्क में यूपी भी जम्मू से सीधे पश्चिमी बंगाल और झारखंड तक जुड़ते नेटवर्क में अब उत्तर प्रदेश भी शामिल है।

दिल्ली का रास्ता वेस्ट यूपी से जाता है। वेस्ट के मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, बुलंदशहर, बागपत, सहारनपुर आदि जिले सीधे दिल्ली का रास्ता तय कराते हैं। करीब दस साल पहले सिमी ने एक राज्य का खाका खींचा था, जिसमें यह इलाका शामिल था।

माना जा रहा है कि प्रतिबंधित सिमी, लश्कर-ए-तैयबा और इंडियन मुजाहिदीन के साथ नक्सली मिलकर अपने नापाक इरादों को अंजाम दे सकते हैं।

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