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कब्र से निकालने के बाद नहीं खुला मौत का राज

हिन्दुस्तान संवाद। कासिमपुर क्षेत्र में रविवार को शासन व कासमपुर पुलिस की मौजूदगी में 62 वर्षीय बृजलाल के शव को कब्र से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्ट कराया गया। यह महज इसलिए हुआ कि मौत का कारण कहीं पूर्व में हुई मारपीट से आई चोटें तो नहीं। इतना सब होने के बाद भी आज पीएम के बाद मौत के राज को डॉ. मसूद आलम ने एक शीशे के जार में बिसरे सुरक्षित कर दिया है।

जिससे उसकी मौत को लेकर एक फिर संशय की स्थिति बन गई है। कासिमपुर थाना क्षेत्र के बेहगांव मजरा तलौल गांव निवासी बृजलाल (62) पुत्र गजोधर की 21 दसिंबर को गांव के ही हेटलाल, शविरतन व अहविरन ने उस समय लाठियों से पिअज्ञई कर दी थी जब वह अपने घर पर आग ताप रहा था। मामले की कासिमपुर पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर डॉक्टरी भी कराई। 31 दिसंबर को उसकी हालत बिगड़ी तो उसने क्षेत्र के एक झोलाछाप डॉक्टर से इलाज लिया और उसी दिन शाम को उसकी मौत हो गई।

मृतक बृजलाल के परिजनों ने अपने खेत में नववर्ष के पहले दिन दफना दिया। मृतक के पुत्र बसंत ने कासिमपुर पुलिस को चार दसिंबर को लिखित पत्र देकर आशंका जताई कि उसके पिता की मौत पूर्व में हुई मारपीट में आई चोटों से तो नहीं। कासिमपुर एसओ रनवीर सिंह भारी पुलिस बल के साथ संडीला के नायब तहसीलदार के साथ मृतक की कब्र से शव को बाहर निकलवाकर रविवार को पीएम कराया गया। पीएम करने वाले डॉक्टर मसूद आलम की रिपोर्ट के अनुसार मौत का राज स्पष्ट नहीं हो सका।

डॉक्टर ने मृतक बृजलाल के शव का बिसरे को अग्रिम जांच के लिए एक शीशे के जार में सुरक्षित करा लिया। कासिमपुर पुलिस मामले में अब अपनी अग्रिम कार्रवाई शुरु करेगी। जिससे बृजलाल की मौत का राज शीशे के जार से बाहर आ सके। उधर परिजनों का आरोप है कि मौत का कारण मारपीट में आई चोटें ही हैं।

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