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दुराचार के प्रयास में सौतेले बाप को सजा

वरिष्ठ संवाददाता। देहरादून। नाबालिग से दुराचार के प्रयास में सौतेले बाप को कोर्ट ने साढ़े तीन साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सजा के साथ पांच हजार रुपये का जुर्माना भी हुआ है। जुर्माना नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त जेल में काटने होंगे। अभियोजन ने इस मामले में कुल सात गवाह कोर्ट में पेश किए।

अपर सत्र न्यायधीश पंकज तोमर की अदालत ने सोमवार को साढ़े पांच साल पुराने मामले में सजा सुनाई। अभियोजन की अधविक्ता जया ठाकुर ने बताया कि शास्त्रीनगर(कांवली रोड) निवासी महिला ने अपने दूसरे पति के खिलाफ 3 अगस्त 08 वसंत वहिार थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। महिला ने पंडितवाड़ी निवासी अनिल कुमार से दूसरी शादी की थी। पहले पति से उसकी 12 साल की बेटी है। 28 जुलाई 08 को वह चौका बर्तन करने गई हुई थी। दोपहर दो बजे बेटी के स्कूल से लौटने के बाद वह रसोई में कपड़े बदल रही थी।

तभी पति घर में पहुंचा और चाकू की नोक पर बेटी से दुराचार का प्रयास किया। बेटी के शोर मचाने पर वह फरार हो गया। शिकायत पर पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार किया था। अनिल ने कोर्ट में कहा कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है। पहले भी उसे फंसाने का प्रयास किया। साजशि के तहत ही हफ्ते भर बाद शिकायत की गई। मेडिकल में भी दुरचार की पुष्टि नहीं हुई। दोनों पक्ष सुनने के बाद अदालत ने कहा कि कोई भी लड़की पिता को फंसाने के लिए इस तरह के आरोप नहीं लगा सकती।

मुकदमा देरी की वजह लोकलाज भी है। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने अनिल कुमार को दुराचार के प्रयास का दोषी ठहराया।

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