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दिल्ली सरकार की चेतावनी, बिजली कंपनियां कैग को सहयोग दें

दिल्ली सरकार की चेतावनी, बिजली कंपनियां कैग को सहयोग दें

दिल्ली सरकार ने निजी बिजली वितरण कंपनियों को सोमवार को चेतावनी दी कि अगर वे नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के साथ सहयोग नहीं करते हैं, उनका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। कैग बिजली वितरण कंपनियों के बही-खातों की जांच कर रहा है।

विधानसभा में अपने संबोधन में लेफ्टिनेंट गवर्नर नजीब जंग ने कहा कि निजी कंपनियों के बही-खातों की जांच उनकी वित्तीय स्थिति का पता लगाने के लिये की जा रही है और उन्हें निश्चित रूप से सहयोग करना चाहिए।

जंग ने कहा कि बिजली कंपनियों का आडिट बिजली वितरण के निजीकरण के बाद से किया जा रहा है। जो कंपनी जांच में सहयोग नहीं करेगी, उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में दर्शक बने नहीं रहेंगे और निर्णय लेने से नहीं झिझकेंगे।

अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार ने तीन बिजली वितरण कंपनियों-बीएसईएस यमुना पावर लि़, बीएसईएस राजधानी पावर लि़ तथा टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लि़ के बही-खातों की जांच के लिये पिछले सप्ताह कैग आडिट का आदेश दिया था।

कंपनियां अपने खातों की जांच कैग से कराये जाने का पुरजोर विरोध कर रही हैं। जंग ने यह भी कहा कि सरकार बिजली मीटर जांच करने को प्रतिबद्ध है, क्योंकि मीटरों के तेजी से चलने को लेकर शिकायतें हैं।

अपने संबोधन में जंग ने सरकारी कामकाज में सुधार लाने तथा नागरिकों एवं सरकार के बीच अंतर पाटने का भी वादा किया। उन्होंने कहा कि सरकार उन सभी विशेषाधिकार और शक्तियों को खत्म करेगी जो नागरिकों तथा सरकार के बीच अंतर पैदा करती है। कोई मंत्री या विधायक लाल बत्ती का उपयोग नहीं करेंगे। विशेष सुरक्षा नहीं लिया जाएगा।

जंग ने कहा, हम सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिये सभी कदम उठाएंगे। जिस लोकपाल विधेयक के लिये अन्ना हजारे ने अनशन किया, उसे तेजी से पारित कराना सरकार की प्राथमिकता है।

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  • Web Title:दिल्ली सरकार की चेतावनी, बिजली कंपनियां कैग को मदद दें