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प्रवासी सम्मेलन में उठ सकता है डाक मतदान का मुद्दा

देश की राजधानी में सात से नौ जनवरी को 12वें प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) का आयोजन होने वाला है और चुनाव में मतदान करने का अधिकार पा चुके प्रवासी भारतीय इस बार आयोजन में डाक के जरिए मतदान करने के अधिकार की मांग कर सकते हैं।

देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान करने वाले प्रवासी भारतीयों की देश की सरकार से कई मांग रही है, जिनमें से कई को पूरा भी किया गया है।

भारत की अक्सर यात्रा करने वाले प्रवासियों की मांग थी कि उन्हें भारत में लंबे समय तक रहने के अधिकार दिए जाएं। भारत सरकार 20 साल के वीजा के साथ पीआईओ योजना की मांग पहले ही पूरी कर चुकी है।

इसके बाद भारत सरकार ने कुछ शर्तो के साथ इसका विस्तार करते हुए दोहरी नागरिकता देनी शुरू कर दी, जिसे प्रवासी भारतीय नागरिक (ओसीआई) कार्ड कहा जाता है। इसके तहत प्रवासी भारतीय जब तक चाहें भारत में रह सकते हैं और भारत में संपत्ति खरीद सकते हैं तथा काम भी कर सकते हैं।

ओसीआई योजना पीबीडी 2006 में शुरू की गई थी और जुलाई 2013 तक 13 लाख ओसीआई कार्ड बांटे गए थे। ओसीआई कार्ड अब तक अमेरिका में रहने वाले 5,20,055 प्रवासी भारतीयों को, ब्रिटेन में रहने वाले 3,07,822 प्रवासियों को, ऑस्ट्रेलिया में 1,33,755 प्रवासियों को, और कनाडा में 1,14,748 को जारी किए गए हैं।

शहरों के मामले में सबसे अधिक यह कार्ड लंदन में 2,14,500 प्रवासियों को, उसके बाद न्यूयार्क में 1,74,396 प्रवासियों को और सैन फ्रांसिस्को में 1,19,125 प्रवासियों को जारी किए गए हैं।

यही नहीं प्रवासी भारतीय भारत में चुनाव में मतदान भी कर सकते हैं, लेकिन इसके साथ शर्त यह है कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर आकर मतदान करना होता है। व्यवहारिक तौर पर ऐसा हालांकि संभव नहीं है कि कोई प्रवासी भारतीय सिर्फ मतदान करने के लिए भारत की यात्रा करे इसलिए प्रवासी भारतीय यह मांग करते रहे हैं कि उन्हें डाक के जरिए मतदान करने की अनुमति दी जाए।

आने वाले महीने में देश में आम चुनाव होने वाला है और इस नाते यह उम्मीद की जा सकती है कि राजधानी में होने जा रहे प्रवासी भारतीय दिवस में डाक मतदान के मुद्दे को गंभीरता से उठाया जाए।

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