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तीन मीटर की दूरी और चार जगह दरार

 पटना। रविवार को पटना जंक्शन पर रेलवे ट्रैक का चटकना महज इत्तेफाक भर नहीं बल्कि रेल प्रशासन की लापरवाही है। तीन मीटर की दूरी में पटरी पर चार जगह दरार दिखी। रविवार को पहिया पटरी से उतरा तो रेल अधिकारियों में हडकंप मच गया।

मालूम हो कि हिन्दुस्तान ने 3 जनवरी को खबर छापकर रेल प्रशासन आगाह किया था। उसके बाद भी रेल प्रशासन ने खास कदम नहीं उठाए। लोको पायलट संख्या 18267 जैसे ही कमजोर ट्रैक पर पहुंची, ट्रैक में दरार आ गई। इंजन का पहिया पटरी से उतर गया। बावजूद इसके दरार भरने के नाम पर कोरम पूरा करके रेल प्रशासन ने ट्रेनों की आवाजाही शुरु कराई। दानापुर रेल मंडल द्वारा घटना के बाद जो कमेंट लिखकर भेजा गया वह रेल कर्मियों और अधिकारियों की कार्यशैली जाहिर करती है।

वह कमेंट था - ‘ट्रैक ऑफ पीटी 328 बी ईज टेम्पररली फीट फोर ट्रैफिक मूवमेंट’ यानी जिस जगह यह घटना हुई उसे कामचलाऊ रुप से दुरुस्त कर दिया गया है। मतलब साफ है घटना के बाद भी ट्रैक को लेकर रेल प्रशासन की गंभीर नहीं है। शुक्र है यात्री गाड़ी वाले ट्रैक में नहीं आई दरारयह ट्रैक पार्सल घर की ओर जाती है और वहां प्लेटफॉर्म संख्या एक से आ रही रेलवे ट्रैक मिलती है। ऐसे में अगर यह हादसा एक नंबर प्लेटफॉर्म की पटरियों पर होता तो हालात और भी बिगड़ सकते थे।

कई बार उतर चुके हैं पहिएमेंटेनेंस में लापरवाही का आलम यह है कि पिछले पांच महीने में पांचवीं बार पहिया पटरी से उतरा है। पिछले पांच महीने में महानंदा का पहिया पटना सिटी में, मगध का पहिया पटना में, कैपिटल का पहिया गुलजारबाग में, झाझा पैसेंजर का पहिया रामपुर डुमरा में उतर चुका है। रविवार को पांचवीं बार पहिये ने पटना जंक्शन पर पटरी का साथ छोड़ा। एक हफ्ते में तीसरी बार चटकी पटरीइसी हफ्ते गुरुवार को समस्तीपुर रेल मंडल के सिलौत स्टेशन पर अप लाइन की पटरी चटकी थी।

इससे एक दिन पहले इसी रेल मंडल के सिंहो स्टेशन के पास अप लाइन की पटरी में दरार आई थी।

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  • Web Title:तीन मीटर की दूरी और चार जगह दरार