DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

20 हजार फार्म का होगा हिसाब किताब

 बरेली। प्रमुख संवाददाता

रुहेलखंड विश्वविद्यालय के नकली इंप्रूवमेंट फार्म मामले में विश्वविद्यालय को अभी 20 हजार से अधिक फार्म की तलाश करनी होगी। इतने फार्म की ब्रिक्री नहीं हो पाई थी। चर्चा है कि यह फार्म कहा है। इन फार्म के बारे में अभी स्पष्ट कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने इन 20 हजार से अधिक फार्म की तलाश करना बड़ी चुनौती होगी।

दरअसल नकली फार्म मामले के खुलासे के बाद से ही इस मामले में छात्रनेताओं के साथ विवि के कर्मचारियों के शामिल होने की चर्चाएं आम हो गई थी। खुद विवि के कई कर्मचारी दबी जुबान में इस गड़बड़झाले में शामिल कर्मचारियों के नाम बता रहे थे। फिलहाल इस मामले में जांच के साथ 20 हजार इंप्रूवमेंट फार्म की तलाश भी विवि के लिए मुश्किलों से भरी है। विवि प्रशासन ने इंप्रूवमेंट के 124400 सीरियल नंबर तक फार्म छपवाए थे पर बैंकों से 104000 फार्म की बिके।

ऐसे में 20400 फार्म जो नहीं बिक पाए वह कहा है। इस संबंध में अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है। समस्या इन फार्म की नहीं है। प्रिंटिंग प्रेस के साथ कागज आपूर्ति वाली फर्म पर नजरबरेली। असली और नकली फार्म के सीरियल नंबर की सीरिज मिलने के बाद प्रिंटिंग प्रेस पर भी क्राइम ब्रांच संदेह वाली नजर गड़ाए हुए हैं। बताया जा रहा है कि प्रिंटिंग प्रेस से पूछताछ में क्राइमब्रांच को अहम सुराग हाथ लगे हैं। ऐसे में अब आरोपियों की गर्दन तक हाथ पहुंचने में ज्यादा देर नहीं है।

जो सीरीज विवि ने छपवाई थी उसी सीरीज के फार्म नकली मिले हैं। सबसे अंतिम जो नकली फार्म मिला उसका सीरियल नंबर 134000 बताया जा रहा है। सूत्र बता रहे हैं कि प्रिंटिंग प्रेस की भूमिका के साथ अब क्राइमब्रांच कागज सप्लाई करने वाली फर्म से भी पूछताछ कर सकती है। फार्मो की सीरीज में गड़बड़ी सामने आई है। इस दिशा में जांच हो रही है। प्रिंटिंग प्रेस से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। साथ ही जितने फार्म छपे, कितने बिके और बिकने के बाद कितने फार्म बचे और वह फार्म कहा है इसकी भी जानकारी ली जाएगी।

डा. एसपी सिंह, एसपी क्राइम।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:20 हजार फार्म का होगा हिसाब किताब