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गोवा हादसे में 13मरे, मलबे से निकाले गए कुछ लोग

गोवा हादसे में 13मरे, मलबे से निकाले गए कुछ लोग

कानकोना में गिरी इमारत के मलबे में 20 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है तथा अब और लोगों के जीवित मिलने की संभावना कम होती जा रही है। मलबे के भारी ढेर की वजह से बचाव अभियान की गति प्रभावित हो रही है।

कल कानकोना शहर में निर्माणाधीन पांच मंजिला रिहायशी इमारत गिरने से 13 लोगों की मौत हो गई थी। गोवा अग्निशमन एवं आपात सेवाओं और सेना के जवानों ने जीवित बचे लोगों की खोज के लिए रातभर अभियान चलाया, लेकिन इस हादसे के 17 घंटे बीत जाने और मलबे का ढेर लगे होने के कारण किसी के जिंदा निकलने की संभावनाएं कम होती जा रही हैं।

अग्निशमन कर्मचारियों को 20 से ज्यादा लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है और किसी के भी जिंदा निकलने की संभावनाएं बहुत कम हैं।

घटनास्थल पर मौजूद चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, निकाले गए 25 लोगों में से 13 मत घोषित किए जा चुके हैं। इनमें से अधिकतर मजदूर थे। घटनास्थल पर मौजूद अग्निशमन अधिकारी ने प्रेस ट्रस्ट को बताया कि बचाव कार्य जारी है। हम अंदर फंसे तीन शरीर देख सकते हैं लेकिन उन तक पहुंचना बेहद मुश्किल है।

अधिकारी ने कहा कि बचाव अभियान के आगे बढ़ने के साथ-साथ मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि और लोगों के जीवित मिलने की संभावना बहुत कम है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि पहले मलबे से कई आवाजें आ रही थीं, जिनसे बचावकर्मियों को लोगों की स्थिति का पता लगाने में मदद मिली। ये लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे।

उन्होंने यह भी कहा कि अब अंदर से कोई आवाज नहीं आ रही। अधिकारियों ने कहा कि इमारत को नवी मुंबई के भारत रीटेलर्स एंड डेवलपर्स द्वारा तैयार किया जा रहा था। घटनास्थल के आसपास कीचड़ वाली जमीन की वजह से भी बचाव कर्मियों को कार्य करने में दिक्कत आ रही है। यहां पर मिट्टी हटाने वाला एक अर्थ मूवर कीचड़ में फंस गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि घटनास्थल पर जमा लोगों की भीड़ को दूर रखना भी उनके लिए चुनौती बन रहा है।

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