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रसूल के बताए रास्ते पर चलकर गुजारें जिंदगी

लखनऊ। निज संवाददाता

रबीउल अव्वल का महीना आते ही जश्न, महफिल और मीलाद का सिलसिला शुरू हो गया है। रसूले इस्लाम हजरत मोहम्मद के जन्मदिन की खुशी में अलग-अलग जगहों पर जलसे हो रहे हैं। जलसों और जश्न में रसूले इस्लाम की शिक्षाओं पर चलते हुए जिंदगी गुजारने की अपील की जा रही है। रसूले इस्लाम के जन्मदिन 12 रबीउल अव्वल से पहले 11 रबीउल अव्वल (13 जनवरी) की रात कई जगह महफिल-मीलाद और जश्न का आयोजन होगा। अगले दिन 14 जनवरी को जुलूस निकलेगा और मुस्लिम बहुल इलाकों में नज्र, नियाज और फातहिा का आयोजन किया जाएगा।

मीनाई एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी की ओर से चौक स्थित शाहमीना शाह की दरगाह पर जश्न ईद मिलादुन्नबी हुआ। महफिल को खिताब करते हुए मौलाना नईम कादरी ने रसूल की जिंदगी पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि हमें रसूले इस्लाम के बताए रास्ते पर चलते हुए जिंदगी गुजारनी चाहिए। रसूल ने समाज में भाईचारा, एकता, शांति और अमन का संदेश देकर इस्लाम को फैलाया। जश्न की अध्यक्षता दरगाह के सज्जादानशीं राशिद अली मीनाई और संचालन कारी अब्दुल हन्नान ने किया। सुन्नी बोर्ड ऑफ इंडिया की ओर से चौपटियां स्थित निजामबाग में हुए जश्न को शहाबुद्दीन खां, मौलाना शफकत नदवी, कारी शम्सुज्जुहा, मौलाना कफील अहमद, युनूस रहमानी ने खिताब किया।

वक्ताओं ने कहा कि कुरान किताबे हिदायत है। इसमें जिंदगी के हर मसले का हल मौजूद है।

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