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केंद्रीय करों में हिस्सा हो 50 फीसदी

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। जदयू के प्रदेश प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा 32 फीसदी से बढ़ा कर 50 फीसदी करने की मांग की है। इससे वित्त आयोग की ओर से राज्यों को दी जानेवाली अवार्ड राशि में बढ़ोतरी होगी। राज्य योजना में आंतरिक संसाधनों के जरिए जुटाई जानेवाली निधि के बढ़ने से केंद्रीय सहायता का हिस्सा राज्य योजना आकार में और घटेगा।

श्री प्रसाद ने केंद्र सरकार एवं योजना आयोग द्वारा केंद्र प्रायोजित योजनाओं की संख्या 147 को घटाकर 66 करने के फैसले को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से केंद्र के संसाधनों के असमान वितरण व केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय अंतरण प्रणाली के खिलाफ चलाए जा रहे वैचारिक संघर्ष की जीत बताया है।

उन्होंने कहा है कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं की संख्या कम होने से अनुपयोगी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु राज्यनिधि से राज्यांश का अपव्यय रुकेगा। वहीं इससे इन योजनाओं की मॉनिटरिंग का मार्ग खुलेगा।

केंद्र प्रायोजित योजनाओं की संख्या कम करने के लिए गठित चतुर्वेदी आयोग की अनुशंसाओं के क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार निरंतर प्रयत्नशील थे एवं केंद्रीय वित्त मंत्रालय तथा योजना आयोग के साथ बैठकों में उन्होंने इसे बार-बार उठाया था। इस निर्णय से न केवल बिहार, बल्कि सभी अविकसित व पिछड़े राज्य लाभान्वित होंगे।

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