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परिवहन विभाग फिर पुराने ढर्र पर

दो माह तक कमाई का रिकार्ड बनाने के बाद परिवहन विभाग अपने पुराने ढर्र पर लौट आया है। महज 20 दिनों में ही आय लगभग 13 करोड़ रुपये घट गयी है। वाहनों से टैक्स, फीस और जुर्माने के रूप में विभाग को अप्रैल में 27.45 करोड़ रुपये और मई में 2रोड़ रुपये हासिल हुए थे जबकि जून में 25 तारीख तक मात्र 16.71 करोड़ रुपये मिल सके। राजस्व में भारी गिरावट की समीक्षा के लिए विभाग ने 11 जुलाई को आरटीए सचिव, डीटीओ, एमवीआई और प्रवर्तन पदाधिकारियों को मुख्यालय तलब किया है।ड्ढr ड्ढr सूत्रों की मानें तो जिलों में तैनात अधिकारियों का राजस्व वसूली का अपना तरीका है। अमूमन हर वर्ष अप्रैल-जून के बीच सुस्त चाल के साथ शुरू हुई राजस्व वसूली जुलाई-सितम्बर के बीच काफी घट जाती है। अक्तूबर-दिसम्बर के बीच आय की रफ्तार बढ़ाने की कोशिश होती है लेकिन जोर वित्तीय वर्ष के आखिरी तीन महीने अर्थात जनवरी-मार्च में ही लगता हैं।ड्ढr ड्ढr हालांकि के.के.पाठक की तैनाती के साथ ही राजस्व वसूली का पुराना ढर्रा अचानक बदल गया और अप्रैल-मई में प्रति दिन लगभग 80 लाख से एक करोड़ रुपये की आमदनी हुई। चालू वित्तीय वर्ष के पहले और दूसर माह की उपलब्धियों को बदौलत 400 करोड़ रुपये का लक्ष्य पूरा होने के कयास लगने लगे थे लेकिन पाठक की विदाई के 20 दिनों के भीतर आय में भारी गिरावट आ गयी। सवाल यह उठ रहा है कि अधिकारी सुस्त हो गये हैं या बात ‘कुछ और’ है। कारण चाहे जो भी हो लेकिन 20 मार्च के बाद पहली बार 11 जुलाई को होने वाली बैठक में जिलों में तैनात अधिकारियों की जबरदस्त खिंचाई तय है।

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