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काम नहीं होने से नाराज छात्रों ने बंद कराया विवि

भागलपुर। कार्यालय संवाददाता। माइग्रेशन सर्टिफिकेट, पेंडिंग रिजल्ट को दुरुस्त कराने जैसे कामों को लेकर आए छात्रों का काम जब शनिवार को नहीं हुआ तो वे भड़क गए और विवि को बंद करा दिया। छात्रों का कहना था कि जब विवि छात्रों की समस्याओं को हल ही नहीं कर सकता तो खुला क्यों रहेगा।

दोपहर लगभग एक बजे छात्रों को जब पता चला कि विवि के अधिकारी नहीं हैं और उनका जरूरी काम भी नहीं हो पाएगा तो उन्होंने प्रशासनिक भवन में स्थित सभी दफ्तरों से कर्मचारियों को बाहर निकाल कर उसमें ताला लगा दिया। छात्रों ने जमकर नारेबाजी भी की। विरोध करने वाले छात्र , छात्र समागम और छात्र संघर्ष समिति से जुड़े थे। शनिवार की सुबह इन छात्र संगठनों का विश्वविद्यालय बंद कराने का कोई निर्णय नहीं था। लेकिन एक छात्र मुकेश कुमार को अर्जेट रसीद कटाने के बाद भी माइग्रेशन सर्टिफिकेट नहीं मिला।

छात्र कई दिनों से विवि का चक्कर लगा रहा था। उन्हें रेलवे में ज्वाइन करने के लिए यह सर्टिफिकेट चाहिए था। जब उसके साथ आए छात्रों को अधिकारियों के विश्वविद्यालय में नहीं होने की बात पता चली तो उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी और सभी विभागों में जाकर कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। इस दौरान छात्रों ने डीएसडब्ल्यू कार्यालय, सीसीडीसी कार्यालय, गणन शाखा, स्थापना शाखा सहित सभी विभागों को बंद करा दिया। छात्रों ने रजिस्ट्रार डॉ. ताहिर हुसैन वारसी के कमरे में घुसकर भी नारेबाजी की।

इस दौरान विवि के एक भी पदाधिकारी वहां मौजूद नहीं थे। बाद में प्रॉक्टर डॉ. रामप्रवेश सिंह पहुंचे। हालांकि, उन्होंने भी छात्रों से बात करने की कोशशि नहीं की। छात्रों के आक्रोश के आगे कर्मचारियों ने विरोध करना उचित नहीं समझा। छात्रों ने विवि प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट में भी ताला लगा दिया। इस वजह से दिनभर कामकाज ठप रहा व कर्मचारी बाहर धूप सेंकते रहे। कई छात्र-छात्राओं को बिना काम कराए लौटना पड़ा। छात्र समागम के जिला उपाध्यक्ष बमबम प्रीत ने विवि की कार्यशैली तथा लेटलतीफी पर सवाल उठाया है।

उन्होंने कहा कि विवि के पदाधिकारी मुख्यालय से बाहर रहते हैं तो उन्हें अपना चार्ज किसी को देकर जाना चाहिए। इस वजह से सैकड़ो छात्र परेशान होते हैं। शनिवार को भी माइग्रेशन सर्टिफिकेट निकालने का प्रभार डिप्टी कंट्रोलर को नहीं दिया गया। विवि की कार्यशैली में बदलाव नहीं होने की स्थिति में बड़े आंदोलन की चेतावनी छात्र संगठनों ने दी है। छात्र समागम रजिस्ट्रार डॉ. ताहिर हुसैन वारसी को हटाने की मांग पहले से कर रहा है। छात्र संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने छात्रों की समस्या को देखते हुए विवि बंदी में सहयोग दिया।

छात्र नेता शिशिर रंजन ने कहा कि विवि में कई छात्र ऐसे हैं जिन्हें नौकरी से लेकर कई जरूरी जगहों पर अपने सर्टिफिकेट जमा करने हैं लेकिन विवि की ओर से निर्गत नहीं किया जा रहा है। इससे काफी परेशानी हो रही है। समिति ने छात्रों की समस्याओं को सुलझाने , परीक्षा नियंत्रक की बहाली करने सहित कई मागों को लेकर विवि बंद कराया। बंदी में निलेश यादव, मुकेश कुमार, बमबम यादव, अखिलेश यादव, जेपी कुमार विधान झा, अंशदेव निराला, मौजूद थे।

छात्र समागम की ओर से विकास, मुकेश, चंदन, राजा, मो. अशफाक, सिंटू यादव, इत्यादि छात्र थे।

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