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आम आदमी की सुध लेने में जुटे राजनीतिक दल

दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम की बुनियाद पर आम आदमी पार्टी (आप) को मिली शानदार जीत के बाद उत्तराखंड के राजनीतिक दल अब सड़क पर चलने वाले आम आदमी की सुध लेते नजर आ रहे हैं।
    
हाल के दिनों में कई राजनीतिक दलों की ओर से किए गए कुछ फैसलों से लगता है कि उन्हें आम आदमी की चिंता है। आम आदमी की सुध लेने की कवायद के तहत ही सरकार ने संसद द्वारा पारित लोकपाल की तर्ज पर लोकायुक्त विधेयक पारित कराने के लिए इस महीने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है।
    
राज्य सरकार ने 40 फलों और सब्जियों पर मंडी कर माफ कर दिया। जिससे बहुत सारे किसानों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने अपने सभी आधिकारिक वाहनों से लाल बत्ती हटाने का भी फैसला किया।
    
यहां के सभी राजनीतिक दल अचानक ही यह भाव प्रकट करने लगे हैं कि वे भ्रष्टाचार, महंगाई और राजनीति में वीआईपी संस्कृति के खिलाफ हैं। इसे आम आदमी के साथ नजर आने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। इसे दिल्ली चुनाव के नतीजों का असर कहेंगे कि उत्तरखंड की कांग्रेस सरकार अचानक से लोकायुक्त विधेयक को पारित कराने पर जोर देने लगी।
    
बीते दो जनवरी को मुख्यमंत्री ने यहां के अधिकारियों से कहा कि वे रात के समय पता लगाएं कि कितने लोग बेघर हैं और सर्दी में खुले में सोने को मजबूर हैं। इसके साथ ही उन्होंने बेघरों के लिए आश्रय स्थलों का निर्माण कराने तथा कंबल वितरित करने का आदेश दिया।

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