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नए सत्र में हाथ में होंगी आकर्षक किताबें

प्राइमरी व उच्च प्राइमरी स्कूलों के छात्रों के हाथों में नए सत्र में आकर्षक किताबें नार आएँगी। एक से आठ तक की किताबों के नाम भी बदल गए हैं। लगभग 80 प्रतिशत किताबें छपकरोिला मुख्यालयों पर पहुँच चुकी हैं। अफसरों की मानें तो सातोुलाई तक सभी प्राइमरी स्कूलों के बच्चों के बस्तों में किताबें पहुँचोाएँगी।ोबकि उच्च प्राइमरी स्कूलों के छात्रों को 11ोुलाई तक किताबें मिलेंगी। छात्रों को सभी किताबें नि:शुल्क मिलेंगी। स्कूलों की रँगाई-पुताई तथा मरम्मत का काम तेाी से चल रहा है।ड्ढr एससीईआरटी ने इस वर्ष प्राइमरी की किताबों में काफी बदलाव किया है। किताबें रंग-बिरंगे चित्रों से साी हैं। कक्षा एक से पाँैच तक की भाषा किरण का नाम बदलकर कलरव कर दिया गया है। इसी तरह बाल गणित का नाम गिनतारा हो गया है। कक्षा चार व पाँच की ज्ञान-विज्ञान की किताब का नाम परख कर दिया गया है। कक्षा छह से आठ तक की भाषा किरण की किताब का नाम मांरी, संस्कृत पीयूषम् का नाम वर्तिका, हमारा भूमण्डल का नाम पृथ्वी व हमाराोीवन, पर्यावरणीय अध्ययन का नाम हमारा पर्यावरण, शारीरिक शिक्षा का नाम खेल व स्वास्थ्य तथा भारत के महान वयक्ितत्व की किताब का नाम बदलकर महान व्यक्ितत्व कर दिया गया है। शेष किताबों के नाम नहीं बदले हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस वर्ष 13.70 करोड़ पुस्तकें छपवाई हैं। पाठ्य पुस्तक अधिकारी राणा सहस्र्तांशु सुमन के मुताबिक 70 प्रतिशत किताबें छपकरोिला मुख्यालयों पर पहुँच चुकी हैं। अगले दो दिनों के भीतर सभी किताबेंोिलों में पहुँचोाएगी। लखनऊ में प्रतिशत किताबें पहुँच चुकी हैं। स्कूलों में पुस्तकों का वितरण क्षेत्रीयोनप्रतिनिधियों की मौाूदगी में कियाोाएगा। उधर बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तीसोून को पुस्तकों के सत्यापन के बाद एकोुलाई से इन्हें बीआरसी कार्यालयों में ोने का काम शुरू कर दियाोाएगा। श्री श्रीवास्तव ने बताया किोिले के सभी स्कूलों की मरम्मत तथा रँगाई-पुताई का काम चल रहा है। इसके लिए स्कूलों को आवश्यक बाट उपलब्ध करा दिया गया है।

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