DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नये नियमों के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे स्कूल

प्रबंधन कोटा समाप्त किए जाने से नाराज राजधानी के निजी स्कूलों ने नई नर्सरी दाखिला नीति को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। स्कूलों ने उप राज्यपाल डॉं. नजीब जंग द्वारा 18 दिसंबर को जारी नर्सरी और प्री-प्राइमरी दाखिला नीति को रद्द करने की मांग की है। स्कूलों ने स्वायत्तता का हवाला देते हुए कहा है कि सरकार को 75 फीसदी सामान्य सीटों पर दाखिला में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।

चीफ जस्टिस एन.वी. रमन और जस्टिस राजीव सहाय एंडलॉ की पीठ सोमवार को गैर सहायता प्राप्त निजी एक्शन कमेटी की ओर से दाखिल इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई कर सकती है। याचिका में कहा गया है कि नर्सरी और प्री-प्राइमरी कक्षाओं में दाखिले के लिए दिशा-निर्देश बनाना उप राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। अधिवक्ता कमल गुप्ता ने याचिका में 18 और 27 दिसंबर, 2013 को जारी दिशा-निर्देश को रद्द करने की मांग करते हुए इसे निजी स्कूलों की स्वायत्तता पर प्रहार बताया है। निजी स्कूलों ने मौजूदा दाखिला नर्सरी दाखिला नीति को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा 23 नवंबर 2010 को जारी दिशा-निर्देशों के खिलाफ बताया है।

स्कूलों ने कहा है कि मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश को सुप्रीम कोर्ट से मान्यता मिली हुई है। इसके तहत सामान्य श्रेणी की 75 फीसदी सीटों पर निजी स्कूलों को अपनी दाखिला नीति बनाने की छूट है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के 11 जजों की पीठ के उस फैसले का हवाला दिया है जिसमें निजी शिक्षण संस्थानों को स्वायत्तता बनाए रखने को कहा गया था।

जंग ने 18 दिसंबर को जारी दिशा-निर्देश में प्रबंधन कोटा समाप्त कर दिया था। 27 दिसंबर को उप राज्यपाल ने स्कूल से 8 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले बच्चों को 70 अंक दिए जाने का प्रावधान किया था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:नये नियमों के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे स्कूल