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नरेगा के आवेदकों को बेरोचागारी भत्ता नहीं!

बरसात के दिनों में नरगा के तहत आवेदकों को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिलेगा! ग्रामीण विकास विभाग के इस प्रस्ताव पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि हर साल बरसात के मौसम में बिहार के लगभग 22 जिले बाढ़ से और बाकी जिले भारी बारिश से प्रभावित होते हैं। ऐसे में नरगा के तहत कार्यो का कार्यान्वयन कठिन होता है। इस मौसम में मिट्टी का कार्य कराने में यह खतरा भी होता है कि बारिश में मिट्टी की संरचना क्षतिग्रस्त हो जाती है और मापी में भी कठिनाई होती है। विभाग का मानना है कि कुछ अवांछित तत्वों द्वारा इसका दुरुपयोग भी हो सकता है। ऐसे तत्व कागज पर काम दिखाकर और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसके भुगतान का दावा कर सकते हैं।ड्ढr ड्ढr ऐसे मामलों में सत्यापन के लिए मापी भी संभव नहीं है। इसके अतिरिक्त कुछ वैसे लोग जो वास्तव में अकुशल मजदूरों का काम करने के इच्छुक नहीं हैं, उनके द्वारा अधिनियम के प्रावधानों का दुरुपयोग कर अनुचित लाभ लेने की कोशिश की जा सकती है। विभाग का मानना है कि बाढ़ के समय रोजगार मांगे जाने पर सरकार द्वारा काम उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है। ऐसी स्थिति में उन लोगों द्वारा बेरोजगारी भत्ता की मांग की जा सकती है जिससे नरगा का मूल उद्देश्य विफल होगा और राजकोष पर अनावश्यक वित्तीय भार बढ़ेगा। बाढ़ के समय सरकार द्वारा राहत कार्य चलाया जाता है जिससेड्ढr पीड़ित परिवारों को सहारा मिल जाता है। इन तमाम बिन्दुओं पर विचार के बाद अब यह प्रस्ताव तैयार किया गया है कि 15 जून से 15 अक्तूबर तक काम की मांग किए जाने पर 15 दिन के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो आवेदकों को बेरोजगारी भत्ता की पात्रता नहीं होगी।ं

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  • Web Title: नरेगा के आवेदकों को बेरोचागारी भत्ता नहीं!