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निजीकरण व ठेकेदारी प्रथा के विरोध में महाधरना

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। केन्द्रीय कर्मचारी महासंघ की बिहार राज्य समिति ने अपनी 15 सूत्री मांगों के समर्थन में शुक्रवार को आयकर गोलंबर के निकट महाधरना दिया। ठंड के बावजूद महासंघ से जुड़े विभिन्न संगठनों के कर्मियों ने बड़ी संख्या में केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर आयोजित सभा में सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा को पहली जनवरी 2014 से लागू करने की मांग की गई। महासंघ के महासचवि मुक्तेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि मांगों को लेकर दिल्ली में भी 10 जनवरी को महाधरना दिया जाएगा।

इसके बाद भी सरकार द्वारा मांगें पूरी नहीं करने पर बेमियादी हड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने महासंघ की मांगों पर चार साल से टालमटोल की नीति अपना रखी है। सरकारी कामकाज में आउटसोर्सिग, ठेकेदारी प्रथा और निजीकरण को रोकने की मांग की अनदेखी की गई है। कर्मियों ने सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा में 50 प्रतिशत डीए शामिल कराने, अंतरिम राहत, पांच प्रोन्नति, वेतन आयोग की अनुशंसा पहली जनवरी से लागू करने आदि 15 सूत्री मांगों के लेकर आयकर गोलंबर के निकट महाधरना दिया।

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