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आपूर्ति दुरुस्त करने में लाइन लॉस बड़ी बाधा

भागलपुर। कार्यालय संवाददाता। निजी कंपनी ने बिजली आपूर्ति का काम तो संभाल लिया है लेकिन उसके लिए सबसे बड़ी चुनौती आपूर्ति होने वाली बिजली बिल वसूली की होगी। मौजूदा स्थिति यह है कि भागलपुर को जिंतनी बिजली मिलती है, उसके 50 से 60 प्रतिशत का कोई हिसाब-किताब नहीं है। सीएलडी से आपूर्ति होने वाली बिजली की मात्र 32 प्रतिशत पर ही बिलिंग हो रही है।

हालांकि जिंतने उपभोक्ताओं को बिल दिया जाता है, उसकी वसूली में कमी नहीं होती है। उपभोक्ता बिलिंग अमाउंट की 82 प्रतिशत राशि हर माह जमा कर रहे हैं। एग्रीमेंट के बाद बीईडीसीपीएल कंपनी ने जो आंकड़े जुटाये हैं, उसके मुताबिक 2011-12 में सीएलडी से 314 मिलियन यूनिट बिजली भागलपुर के उस हिस्से के लिए दी गई है,जिंसका अधीग्रहण कंपनी ने किया है। लेकिन 314 में मात्र 123 मिलियन यूनिट बिजली का ही हिसाब है। यानी इतनी बिजली का ही बिलिंग किया गया है।

शेष बिजली या तो चोरी से जली या फिर ट्रांसिमशन लॉस में खपत हो गई। बीईडीसीपीएल कंपनी के अधिकारी बताते हैं कि वित्तीय वर्ष 2011-12 का आंकड़ा ऑडिट से लिया गया है, जिसमें बिलिंग 65.57 करोड़ रुपये हुआ। इसमें 52.57 करोड़ की वसूली हो पायी। मसलन 324 मिलियन यूनिट के दर से भागलपुर को लगभग हर साल 167 करोड़ की बिजली मिलती है। इसमें बिल वसूली मात्र 52.57 करोड़ की होती है। कंपनी के अधिकारी यह मानते हैं कि सबसे बड़ी दिक्कत बिजली के लॉस को रोकना है।

भागलपुर में ट्रांसिमशन लॉस अपेक्षा से अधिक है। अन्य शहरों में जहां 10 से 12 प्रतिशत ट्रांसिमशन लॉस होता है, वहीं भागलपुर में 25 से 30 प्रतिशत होता है। अगर ट्रांसिमशन लॉस को भी कुल आपूर्ति बिजली में घटा दी जाए तो भी लगभग 40 प्रतिशत टोका या अवैध रूप से उपभोग हो रहा है। कंपनी के निदेशक अमानुल्लाह कहते हैं कि बिजली वितरण व्यवस्था का मौजूदा ढांचा इतना बिगड़ा हुआ है कि रातों रात इसे दुरुस्त करना असंभव है।

पहले छह महीने में कुछ सुधार उपभोक्ताओं को दिखेगा, आपूर्त भी बढ़ी है। व्यवस्था पूरी तरह से सुधारने में लगभग तीन साल का समय लग सकता है। ट्रांसिमशन और डिस्ट्रीब्यूशन लॉस को ऐसे किया जाएगा कम बीईडीसीपीएल के अधिकारी कहते हैं कि सबसे पहले आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त कर ट्रांसिमशन लॉस को कम किया जाएगा तो मीटर टू मीटर रीडिंग से बिजली के अवैध उपभोग को रोका जाएगा। सरकारी कार्यालयों को भी मीटर से ही बिजली दी जाएगी। सिरे्फ ट्रांसिमशन लॉस को कम कर लिया जाएगा तो भी भागलपुर को 20 प्रतिशत अधिक बिजली आपूर्ति होगी।

सबसे पहले बिजली उपकरण जैसे पावर ट्रांसफार्मर, सबस्टेशन, एबी स्विच को दुरुस्त किया जाएगा। फिर केबल और जर्जर तार को दुरुस्त कराया जाएगा। कंपनी के अधिकारी बताते हैं कि कई डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर भी अच्छी स्थिति में नहीं हैं। इसके कारण लाइन लॉस अधिक हो रहा है।

ट्रांसफार्मरों को दुरुस्त करने की भी प्लानिंग की गई है। साल दर साल और बढ़ेगी आपूर्ति एग्रीमेंट के मुताबिक भागलपुर में बिजली आपूर्ति बढ़ाने का निर्णय हुआ है। बताया जा रहा है कि अंतिम दो साल में 314 और 330 मिलियन यूनिट बिजली भागलपुर को मिली है लेकिन बीईडीसीपीएल को फिलहाल न्यूनतम 360 मिलियन यूनिट बिजली हर साल देने की बात हुई है।

साल दर साल बिजली की जरूरत का जो प्रोजेक्शन है उसके अनुसार यह आपूर्ति बढ़ती जाएगी।

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