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हंगामा है क्यों बरपा, कार ही तो ली है

नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता

आम आदमी पार्टी के नेता अब तक गाड़ी बंगला और ऐशो आराम से तौबा कर रहे थे। सत्ता में आए एक सप्ताह ही बीता था कि आप की आदर्शवादी नाव सत्तासुख के बवंडर में हिचकोले खाने लगी है। पिछले सप्ताह शनिवार को रामलीला मैंदान में शपथ ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित सभी मंत्रियों ने गाड़ी बंगला न लेने की बात कही थी मगर अब पार्टी के नेता अपने वादे पर कायम रहने से डोलते नजर आ रहे हैं।

विधानसभा में केजरीवाल सरकार को वशि्वासमत हासिल होने और विधानसभा अध्यक्ष बनने तक कोई मेट्रो से आया, कोई ऑटो में तो कोई रिक्शे से भी आया। मगर विधानसभा की बाधाएं पार होते ही सरकार के मंत्री शुक्रवार को सरकारी गाड़ियों में विधानसभा से रवाना होते दिखे। विरोधियों का कहना है कि पहले कहते थे सरकारी बंगला नहीं लेंगे फिर कहने लगे छोटा घर ले लेंगे। बाद में दस कमरों के दो घर लुटियन जोन में मुख्यमंत्री आवास के लिए लिए गए और गैराज में खड़ी सरकारी गाडिम्यां भी बाहर निकल आई।

अब शब्दों का मायाजाल बुनते हुए दलीलें दी जा रही हैं कि गाड़ी के लिए नहीं बल्कि लाल बत्ती गाड़ी के लिए मना किया था। हम डंके की चोट पर गाड़ी लेंगे। राखी बिड़ला, महिला एवं बाल विकास मंत्रीआप पार्टी के नेताओं की करनी और कथनी में फर्क है। यह दो ही दिन में सामने आ गया है। यही वजह है कि नए विधायक सरकारी सुविधाओं के लिए आगे बढ़कर आ रहे हैं। जितेंद्र महाजन, विधायक भाजपा।

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